Chamoli News: सड़क न होने से बीमार महिला को डंडी में 5 किमी पैदल ले गए ग्रामीण, चार साल बाद भी नहीं बनी स्वीकृत सड़क

सड़क न बनने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, बच्चों और मरीजों को झेलना पड़ रहा जोखिम

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के ऐरठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आज भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गुरुवार को गांव की एक बीमार महिला को ग्रामीणों ने डंडी (कंधे पर उठाकर) के सहारे करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, ऐरठा गांव की निवासी हिमांती देवी, पत्नी खड़क राम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव में सड़क न होने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें डंडी में बैठाकर कठिन पहाड़ी रास्तों से होते हुए करीब पांच किलोमीटर पैदल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल तक पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें आगे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

चार साल बाद भी अधूरी पड़ी सड़क परियोजना

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में पदमल्ला-कंजरू-ऐरठा मोटर मार्ग के लिए करीब आठ किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई थी। लेकिन स्वीकृति के चार साल बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

इस वजह से अनुसूचित जाति बहुल ऐरठा गांव के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पैदल कठिन पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है।

बच्चों को भी हर रोज जोखिम भरा रास्ता तय करना पड़ता है

सड़क सुविधा न होने के कारण गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए रोजाना खतरनाक पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात और सर्दियों के मौसम में यह रास्ता और भी ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

ग्राम प्रधान ने दी आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि पदमल्ला-कंजरू-ऐरठा सड़क का प्रस्ताव वर्ष 2021 में स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब तक सड़क की कटिंग तक शुरू नहीं हो सकी है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में आज भी गांव के लोग विकास से कोसों दूर हैं और सरकार व प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

Previous articleUttarakhand Budget Session: एलपीजी गैस को लेकर सदन में हंगामा, कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार को सख्त कार्रवाई के निर्देश
Next articleDehradun LPG Crisis: गैस की किल्लत से परेशान लोग, बुकिंग ठप; सिलिंडर के लिए एजेंसियों और गोदामों पर लगी लंबी कतारें