देहरादून। राजधानी देहरादून में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ ‘महाआक्रोश अभियान’ की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत शहर के परेड ग्राउंड से महिला जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
पदयात्रा के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
भाजपा महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान प्रदेशभर में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य विपक्ष द्वारा संसद में महिलाओं के सम्मान को लेकर किए गए कथित अपमान को जनता के सामने लाना है। मोर्चा का कहना है कि वह ‘मातृ शक्ति’ के सहयोग से इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगा।
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का रुख देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर महिलाओं की उम्मीदों को आहत किया है।
प्रदेशभर में चलेंगी पदयात्राएं, युवतियों को किया जाएगा जागरूक
महाआक्रोश अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में महिला जन आक्रोश पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें हजारों महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और महिला छात्रावासों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के जरिए युवतियों और महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से दस दिनों तक लगातार अभियान चलाकर इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की योजना है।
भाजपा महिला मोर्चा ने बताया कि अभियान में महिला जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अंत में रुचि भट्ट ने प्रदेश की सभी महिलाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की, ताकि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की आवाज को और मजबूत बनाया जा सके।



