देहरादून। देहरादून में कारोबारी और टेनिस खिलाड़ी अर्जुन शर्मा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस निर्मम हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि खुद उसकी मां बीना शर्मा ने रची थी। पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी विवाद और पैसों के लालच में मां ने अपने साथी डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल के साथ मिलकर बेटे की हत्या की सुपारी दी थी। मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
तिब्बती मार्केट के बाहर बुधवार को दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। पुलिस ने इस वारदात को गंभीर चुनौती के रूप में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और महज 36 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। हत्या को अंजाम देने वाले शूटर राजीव और उसके साथी पंकज को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह
एसएसपी अजय सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि अर्जुन शर्मा की हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद मुख्य कारण था। उन्होंने बताया कि जीएमएस रोड स्थित बीना शर्मा की संपत्ति को लेकर डॉ. अजय खन्ना से 14 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से डॉ. खन्ना आठ करोड़ रुपये पहले ही बीना शर्मा को दे चुके थे। हालांकि, अर्जुन शर्मा इस सौदे से बेहद नाराज था और वह संपत्ति में अपना आधा हिस्सा चाहता था।
अर्जुन ने इस प्रॉपर्टी डील के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर कर स्टे ले लिया था, जिससे डॉ. खन्ना को संपत्ति पर कब्जा नहीं मिल सका। उधर, आठ करोड़ रुपये फंसने के कारण डॉ. खन्ना लगातार बीना शर्मा पर रकम लौटाने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर मां-बेटे के बीच आए दिन विवाद होता रहता था।
असुरक्षा का हवाला देकर ली सुरक्षा, फिर रची साजिश
पुलिस के अनुसार, बीना शर्मा ने खुद को बेटे से असुरक्षित बताते हुए उच्च न्यायालय से सुरक्षा भी प्राप्त की थी। लेकिन अर्जुन द्वारा लगाए गए स्टे के चलते जब प्रॉपर्टी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, तो बीना शर्मा, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
12 लाख में दी गई हत्या की सुपारी
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शूटर राजीव का भाई पंकज, आरोपी विनोद उनियाल का ड्राइवर है। पंकज ने 12 लाख रुपये में अर्जुन शर्मा की हत्या की सुपारी ली थी, जिसमें से तीन लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे। बाकी रकम हत्या के बाद देने की बात तय हुई थी। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पैसों के लालच में हत्या करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के मुताबिक, राजीव ने देसी तमंचे से अर्जुन के सीने से सटाकर गोली मारी थी। दोनों आरोपी मूल रूप से ग्राम देवीखाल, पोस्ट गुमखाल, कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं और फिलहाल देहरादून की इंदिरा कॉलोनी, चुक्खूवाला में रह रहे थे।
24 घंटे में शूटर गिरफ्तार, जांच जारी
सरेबाजार हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर शूटरों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पूरे मामले का 36 घंटे में खुलासा कर दिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
— अजय सिंह, एसएसपी देहरादून



