देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे के दौरान पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन और चुनावी तैयारियों को लेकर जिस गंभीरता और बारीकी से समीक्षा की, उससे सांसद, विधायक और पदाधिकारी भी प्रभावित नजर आए। विधानसभा से लेकर बूथ स्तर तक की जमीनी रिपोर्ट उनके पास पहले से मौजूद थी, जिसे देखकर बैठक में मौजूद नेता भी हैरान रह गए।
शुक्रवार को आयोजित विभिन्न बैठकों में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र, बूथ संगठन और पार्टी की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी के आधार पर नेताओं से सवाल-जवाब किए। कई मौकों पर जब कुछ नेताओं ने तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करने का प्रयास किया तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए वास्तविक स्थिति सामने रखी। वहीं, गलत जानकारी देने वालों को उन्होंने स्पष्ट रूप से टोकने में भी कोई संकोच नहीं किया।
बूथ स्तर तक ली रिपोर्ट, सुधार के दिए निर्देश
बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बूथ अध्यक्षों से लेकर प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों तक की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों की रिपोर्ट का विश्लेषण करते हुए आवश्यक सुधार के सुझाव दिए और आगामी चुनावों के लिए जीत का फॉर्मूला भी साझा किया। संगठन की मजबूती और जनसंपर्क को लेकर उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि केवल दावों से नहीं बल्कि जमीनी काम के आधार पर ही सफलता सुनिश्चित होगी।
47 सीटों से आगे बढ़ने का लक्ष्य
नितिन नवीन ने स्पष्ट कहा कि भाजपा को वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में मिली 47 सीटों की सफलता से आगे बढ़ना होगा। इसके लिए उन क्षेत्रों और समुदायों की पहचान करनी होगी जहां पार्टी की पहुंच अभी अपेक्षाकृत कमजोर है। उन्होंने नेताओं को निर्देश दिए कि ऐसे वर्गों और क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर संगठन का विस्तार किया जाए तथा नए मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि आगामी तीन से चार महीनों के भीतर वे फिर से उत्तराखंड का दौरा करेंगे और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उस समय विधायकों और संगठन पदाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी जाएगी।
युवा अध्यक्ष का प्रभावी नेतृत्व आया सामने
बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष की कार्यशैली, तैयारी और संगठनात्मक समझ चर्चा का विषय बनी रही। कई नेताओं का मानना था कि युवा नेतृत्व होने के बावजूद नितिन नवीन ने अपनी गंभीरता, मेहनत और अनुशासनप्रिय कार्यशैली से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ आत्मीय संवाद भी किया, लेकिन साथ ही एक सख्त और जवाबदेह नेतृत्वकर्ता के रूप में भी अपनी छाप छोड़ी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि भाजपा को देवभूमि उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करनी है तो संगठन और सरकार दोनों को समन्वय के साथ पार्टी की निर्धारित रणनीति पर काम करना होगा।
विधायकों को दिया अनुशासन का संदेश
बैठक के दौरान नितिन नवीन ने विधायकों और जनप्रतिनिधियों को अनुशासन को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का मनमुटाव या मतभेद है तो उसे पार्टी के भीतर ही सुलझाया जाए। संगठन से जुड़े विषयों को सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर ले जाने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्धारित मंचों पर अपनी बात रखी जाए और किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर पार्टी नेतृत्व से सीधे संवाद किया जाए। आगामी चुनावों के मद्देनजर उन्होंने विधायकों की व्यक्तिगत छवि को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों का व्यवहार और कार्यशैली ही जनता के बीच पार्टी की छवि तय करती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर चुकी है और संगठनात्मक स्तर पर हर बूथ तथा हर विधानसभा क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।



