उत्तराखंड कांग्रेस में टिकट और पद दिलाने के नाम पर ठगी मामला, हाईकमान की चुप्पी पर उठे सवाल

देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस में टिकट और संगठन में बड़े पद दिलाने के नाम पर हुई कथित ठगी का मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मामला राष्ट्रीय नेतृत्व की छवि से जुड़ा होने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान की ओर से अब तक किसी भी स्तर पर गंभीर जांच शुरू नहीं किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के भीतर भी इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि आखिर इतने बड़े प्रकरण को संगठनात्मक स्तर पर गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।

दरअसल, हाल ही में कांग्रेस नेता और महिला कांग्रेस से जुड़ी भावना पांडे ने देहरादून के राजपुर थाने में 25 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति ने खुद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का निजी सचिव (पीएस) बताते हुए पार्टी में बड़ा पद और आगामी चुनाव में टिकट दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल ली।

मामले के सामने आने के बाद यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने केवल भावना पांडे ही नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से भी संपर्क साधा था। आरोपी ने खुद को राहुल गांधी का पीएस “कनिष्ठ सिंह” बताकर नेताओं के बीच भरोसा कायम किया। बताया जा रहा है कि उसने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह समेत कई नेताओं से बातचीत की थी।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नेताओं को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता था कि उसकी पहुंच कांग्रेस हाईकमान तक है और वह संगठन में बड़े बदलाव करा सकता है। इसी दौरान उसने पार्टी में अहम पद दिलाने, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में टिकट सुनिश्चित कराने और यहां तक कि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव करवाने जैसी बातें भी कहीं। इसके बदले विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं से पैसों की मांग की गई।

मामला सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया था। उन्होंने कहा था कि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी मंशा क्या थी। हालांकि, इस बयान के बाद भी पार्टी हाईकमान की ओर से कोई आंतरिक जांच शुरू नहीं की गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की साख और संगठनात्मक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसे में पार्टी स्तर पर जांच नहीं होना कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है।

इधर, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि अब तक मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सार्वजनिक नहीं हो पाए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पुलिस को मामले की तह तक जाकर पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस की ओर से ठोस तथ्य सामने आएंगे, तभी पार्टी अपने स्तर पर भी जांच करने पर विचार करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस जांच में भी अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है।

फिलहाल, कांग्रेस हाईकमान की चुप्पी और संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई न होने से यह मामला लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।

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