ऋषिकेश। विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड की देवभूमि पूरी तरह तैयार हो चुकी है। यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होते ही व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज स्वयं ट्रांजिट कैंप पहुंचकर यात्रियों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
सुबह 6 बजे से शुरू हुआ पंजीकरण
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शनिवार सुबह 6 बजे से शुरू कर दी गई। पंजीकरण प्रभारी प्रेमानंद के अनुसार कुल 30 काउंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 24 काउंटर ट्रांजिट कैंप और 6 काउंटर आईएसबीटी में संचालित हो रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक करीब 150 यात्रियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें सबसे पहले नेपाल से आए 30 श्रद्धालुओं का दल शामिल रहा।
प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम
यात्रा प्रशासन के विशेष कार्याधिकारी पीपी नौटियाल ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। एसडीएम ने नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और ट्रांजिट कैंप में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज ध्यानी के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे यात्रियों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे।
भद्रकाली मंदिर में हुई विशेष पूजा
चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा भद्रकाली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। एआरटीओ प्रशासन रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने विधिवत पूजा कर यात्रा की सफलता की कामना की। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के साथ बैठक कर सुझाव भी लिए गए।
डग्गामार वाहनों पर सख्ती
आईएसबीटी सभागार में एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने की मांग उठाई। इस पर एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि केवल वैध टोल पर्ची वाले वाहनों का ही ग्रीन कार्ड बनाया जाएगा।
दूसरे राज्यों के वाहनों के लिए 15 दिन की अवधि का ग्रीन कार्ड जारी किया जा रहा है। साथ ही नए नियमों के तहत राज्य के वाहन अपने क्षेत्र के भीतर ही यात्रियों को लाने और छोड़ने के लिए बाध्य होंगे।
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
नगर आयुक्त ने व्यापारियों से नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण को स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि सड़क किनारे बने अवैध स्टैंड भी हटाए जाएंगे ताकि यात्रा के दौरान यातायात सुचारू बना रहे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गढ़वाल एसएसपी श्वेता चौबे ने जानकारी दी कि चारधाम यात्रा मार्ग को तीन सुपर जोन, 11 जोन और 30 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
यात्रा मार्ग पर लगभग 600 से 1000 पुलिसकर्मी, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा नदी घाटों पर वाटर पुलिस की भी तैनाती की गई है।
यात्रियों ने जताई खुशी
नेपाल से आए खेमराज सुवेदी ने कहा कि उत्तराखंड में प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं सराहनीय हैं और स्वास्थ्य परीक्षण सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं राधा कृष्ण घिमिरे ने यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा केदार के आशीर्वाद से वे हर वर्ष यहां आना चाहेंगे।
चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की है।



