उत्तराखंड: सीएम धामी ने खुद मौके पर पहुंचकर जांची जन शिकायत, वीडियो कॉल पर अधिकारियों को दिखाई जमीनी हकीकत

देहरादून:
उत्तराखंड में जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब खुद मैदान में उतरते नजर आ रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री ने देहरादून के जाखन क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया और मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनता से जुड़ी समस्याओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होगा।

फुटपाथ क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर पहुंचे सीएम
जाखन निवासी विवेक मदान द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, राजपुर रोड पर विद्युत लाइन को अंडरग्राउंड करने के दौरान फुटपाथ को क्षति पहुंची थी। शिकायत में बताया गया कि पहले सड़क किनारे बनाए गए फुटपाथ को यूपीसीएल द्वारा खोदकर बिजली की लाइन बिछाई गई, लेकिन बाद में सही तरीके से मिट्टी का भरान नहीं किया गया।

इस लापरवाही के चलते फुटपाथ की टाइल्स धंस गई हैं, जिससे आम लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है और फुटपाथ का उपयोग भी बाधित हो गया है।

वीडियो कॉल पर अधिकारियों को दिखाई स्थिति
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर शिकायतकर्ता विवेक मदान को साथ लेकर अपने मोबाइल फोन से अधिकारियों को वीडियो कॉल किया और फुटपाथ की वास्तविक स्थिति दिखाई। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

सीएम ने यह भी कहा कि कई स्थानों पर अंडरग्राउंड लाइन होने के बावजूद बिजली के तार बाहर दिखाई दे रहे हैं, जो आम जनता के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।

प्रदेशभर में चलाया जाएगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आगामी दौरों के दौरान इसी तरह विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करते रहेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि यदि प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उनके समाधान के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

सरकार के इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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