हल्द्वानी में गहराया पेयजल संकट, तीन ट्यूबवेल खराब; 10 हजार से अधिक आबादी प्रभावित

हल्द्वानी:
गर्मी बढ़ने के साथ ही हल्द्वानी के कई इलाकों में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है। लंबे समय से तीन ट्यूबवेल खराब पड़े होने के कारण करीब 10 हजार से अधिक आबादी को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है।

रामणी आन सिंह क्षेत्र के चार गांवों सहित खेमपुर कठघरिया और गुजरौड़ा में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। इन इलाकों में आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था उसी अनुपात में विकसित नहीं हो सकी। ऊपर से बीते दो सप्ताह से अधिक समय से ट्यूबवेल खराब होने के कारण समस्या और गहरा गई है।

इन क्षेत्रों में सबसे अधिक संकट

रामणी जसवा, छोटी रामणी, खेमपुर, नरीपुर, गुजरौड़ा, मंगल विहार और धुनी नंबर-एक जैसे इलाकों में सिंचाई नलकूप खंड और पेयजल निगम भीमताल के ट्यूबवेलों पर निर्भरता है। इन ट्यूबवेलों के खराब होने से इन क्षेत्रों में जलापूर्ति लगभग ठप हो गई है।

टैंकरों पर बढ़ी निर्भरता

पानी की कमी के चलते लोग अब टैंकरों से पानी मंगाने को मजबूर हैं। एक टैंकर पानी की कीमत 500 से 700 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। वर्तमान में जल संस्थान द्वारा प्रतिदिन 25 से 30 टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 10 से 15 के बीच रहती थी।

दमुवाढूंगा, मल्ला प्लॉट, कुसुमखेड़ा, चौफुला और हरिपुर गांगू जैसे क्षेत्रों में मंगलवार को टैंकरों के माध्यम से पानी वितरित किया गया। मल्ला प्लॉट क्षेत्र में तो सालभर टैंकरों से ही पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है, जहां लोग सड़कों पर पानी इकट्ठा कर पाइप के जरिए घरों तक पहुंचाते हैं।

ट्यूबवेल खराब होने से बढ़ी परेशानी

तिकोनिया स्थित जल संस्थान परिसर का ट्यूबवेल भी खराब पड़ा है, जिसके चलते टैंकरों को पानी भरने के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर शीशमहल जाना पड़ रहा है। इससे सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। अधिकारियों के अनुसार इस ट्यूबवेल की मरम्मत में अभी 3 से 4 दिन और लग सकते हैं।

लोगों की परेशानी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित जलापूर्ति बाधित होने से उनकी दिनचर्या पर असर पड़ रहा है।

  • भुवन जोशी के अनुसार, “रामणी जसवा में ट्यूबवेल एक सप्ताह से खराब है, जिससे भारी दिक्कत हो रही है।”
  • गौतम जोशी ने कहा कि, “जसवा बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है, यहां टैंकरों से ही काम चलाना पड़ रहा है।”
  • रेवती जोशी ने बताया कि, “पानी न आने से स्कूली बच्चों को समय पर साफ कपड़े तक नहीं मिल पा रहे हैं।”
  • भावना मेहरा के अनुसार, “मंगला विहार में भी लंबे समय से जल संकट बना हुआ है।”

विभाग का पक्ष

जल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता मुनीष कुमार ने बताया कि ट्यूबवेल की मरम्मत का कार्य जारी था, लेकिन बोर में पाइप फंस जाने से काम में बाधा आई है। अब मशीन की मदद से पाइप निकालकर जल्द मरम्मत पूरी की जाएगी।

वहीं, जल संस्थान के सहायक अभियंता रवींद्र कुमार ने कहा कि तिकोनिया परिसर के ट्यूबवेल की मरम्मत शुरू कर दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।


निष्कर्ष:
लगातार बढ़ती गर्मी और खराब जलापूर्ति व्यवस्था के चलते हल्द्वानी में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। यदि जल्द ट्यूबवेलों की मरम्मत नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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