नैनीताल। जिले में दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट सड़कों पर दौड़ते युवाओं की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि न तो उन्हें पुलिस कार्रवाई का डर है और न ही सड़क हादसों का भय। तेज रफ्तार में स्कूटी और बाइक चलाते युवा खुद की जान जोखिम में डालते हुए खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
सड़कों पर फर्राटा भरते इन दोपहिया वाहनों को देखकर साफ है कि नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है। यही वजह है कि सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिनमें अधिकतर वे लोग शामिल हैं जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था।
लगातार बढ़ रहे हैं चालान और हादसे
नैनीताल जिले में बीते सवा दो वर्षों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। औसतन हर दिन 27 लोगों पर बिना हेलमेट दोपहिया चलाने के मामले में कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कम नहीं हो रही।
अगर चालान के आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- वर्ष 2024 में 8500 चालान
- वर्ष 2025 में 11,146 चालान
- वर्ष 2026 (जनवरी से मार्च) तक 2400 से अधिक चालान
वहीं कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जिलों में वर्ष 2025 के दौरान कुल 54,168 चालान बिना हेलमेट के किए गए।
इन सड़कों पर सबसे ज्यादा खतरा
कालाढूंगी रोड, नैनीताल रोड, बरेली रोड और रामपुर रोड पर हादसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन मार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना आम हो गया है।
लापरवाही बनी मौत का कारण
हाल के वर्षों में कई ऐसे हादसे सामने आए हैं, जहां हेलमेट न पहनना ही मौत की बड़ी वजह बना—
- 2 दिसंबर 2025: नैनीताल रोड पर भोटिया पड़ाव चौकी के पास केटीएम बाइक ठेले से टकराई, हेलमेट न होने से किशोर की मौत।
- 14 जुलाई 2025: कालाढूंगी रोड स्थित नैनीताल तिराहे पर बाइक फिसलने से नीरज सिंह अधिकारी की सिर में चोट लगने से मौत।
- 28 जनवरी 2025: स्टेडियम तिराहे के पास बुलेट की टक्कर से स्कूटी सवार राजस्व कर्मी की जान गई।
इन सभी मामलों में हेलमेट न पहनना जानलेवा साबित हुआ।
विशेषज्ञों और पुलिस की अपील
विशेषज्ञ डॉ. सौरभ विशाल का कहना है कि यदि दोपहिया चालक अपनी सुरक्षा के प्रति सजग नहीं होंगे, तो हादसों की संख्या में कमी आना मुश्किल है।
वहीं एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि हेलमेट पहनने को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और रोजाना चालान भी किए जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। साथ ही युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों में विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी है।
जरूरत सख्ती और जागरूकता दोनों की
प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद यदि युवा अपनी सोच नहीं बदलते, तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे। सड़क पर सुरक्षित सफर के लिए हेलमेट पहनना सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे जरूरी कदम है।



