देहरादून: गैस संकट के बीच सरकार की नई व्यवस्था, शादी वाले घरों को मिलेगा अस्थायी गैस कनेक्शन
उत्तराखंड में चल रही एलपीजी आपूर्ति की समस्या के बीच सरकार ने एक अहम व्यवस्था लागू की है। अब जिन परिवारों में शादी समारोह है, उन्हें अस्थायी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत शादी वाले घरों को दो व्यावसायिक गैस सिलिंडर दिए जाएंगे, जिससे समारोह के दौरान रसोई गैस की दिक्कत न हो।
खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में घरेलू गैस की आपूर्ति लगभग सामान्य स्थिति में है और शादी जैसे विशेष आयोजनों के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है।
एजेंसी में आवेदन कर लेना होगा अस्थायी कनेक्शन
खाद्य आयुक्त ने बताया कि जिन परिवारों में शादी है, उन्हें अपनी संबंधित गैस एजेंसी में अस्थायी गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद उन्हें दो कमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 36,300 घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ा जा चुका है और केंद्र सरकार के निर्देश पर अन्य घरों को भी इससे जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके।
अप्रैल तक डेढ़ लाख परिवारों को PNG से जोड़ने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार पीएनजी कनेक्शन के लिए हर जगह मुख्य पाइपलाइन से जुड़ना जरूरी नहीं है। पर्वतीय जिलों और शैक्षणिक संस्थानों में टैंक बनाकर भी पीएनजी आपूर्ति की व्यवस्था की जा सकती है। गैस कंपनियों का अनुमान है कि अप्रैल तक राज्य में एक से डेढ़ लाख परिवारों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ लिया जाएगा।
रोजाना 5300 कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति
खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य में हर दिन करीब 5300 व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि घरेलू गैस सिलिंडरों का लगभग 2.68 लाख का बैकलॉग अभी भी है, लेकिन इसे लगातार कम किया जा रहा है।
इस दौरान अपर खाद्य आयुक्त पीएस पांगती भी मौजूद रहे।
चारधाम यात्रा के लिए जिलों से मांगे गए प्रस्ताव
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर भी खाद्य आयुक्त ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि किसी जिले में गैस की कमी की आशंका होती है तो संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
गैस कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
खाद्य आयुक्त ने बताया कि रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यभर में अभियान चलाया गया। इस दौरान 87 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 15 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए और कुल 85,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कार्रवाई के दौरान 672 घरेलू गैस सिलिंडर और 139 व्यावसायिक सिलिंडर भी जब्त किए गए।
वैकल्पिक ईंधन पर भी सरकार का जोर
उन्होंने कहा कि राज्य में फिलहाल रसोई गैस और तेल की कोई कमी नहीं है, फिर भी सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान दे रही है। चंपावत जिले में पिरुल (चीड़ की पत्तियों) से ब्रिकेटिंग तकनीक के जरिए ईंधन तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा वन निगम को लकड़ी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। वन निगम के डिपो में पर्याप्त मात्रा में लकड़ी का भंडारण कराया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके।



