देवप्रयाग में शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं का आंदोलन तेज, पुलिस ने आधी रात को हटाए टेंट, बारिश में भी डटी रहीं आंदोलनकारी

देवप्रयाग में शराब का ठेका हटाने की मांग पर महिलाओं का आंदोलन तेज, पुलिस कार्रवाई के बाद भी नहीं टूटा हौसला

देवप्रयाग। नगर में शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर चल रहा महिलाओं का आंदोलन शनिवार देर रात उस समय और तीखा हो गया, जब प्रशासन ने अनशन स्थल से टेंट हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। भारी बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद आंदोलनकारी महिलाएं पूरी रात भीगती रहीं, लेकिन अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया।

देवप्रयाग में लंबे समय से महिलाएं शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन कर रही थीं। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन देर रात प्रशासन और पुलिस ने अनशन स्थल को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

आधी रात को पहुंचा भारी पुलिस बल

देर रात देवप्रयाग थाने के इंस्पेक्टर प्रशांत बहुगुणा और नायब तहसीलदार विजयपाल सिंह गुसाईं के नेतृत्व में भारी पुलिस बल अनशन स्थल पर पहुंचा। प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आंदोलन स्थल पर लगाए गए टेंट को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

इस दौरान टेंट के भीतर क्रमिक अनशन पर बैठी बुजुर्ग महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाल दिया। मूसलाधार बारिश के बीच महिलाओं को सड़क पर खड़ा कर दिया गया। बुजुर्ग महिलाएं हाथ जोड़कर टेंट न तोड़ने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी।

रस्सियां खोलने के लिए नाबालिग को छत पर चढ़ाया

घटना के दौरान एक और विवाद तब पैदा हुआ, जब टेंट की रस्सियां खोलने के लिए पुलिस ने खुद जोखिम न उठाते हुए एक नाबालिग को टेंट की छत पर चढ़ा दिया। इस पर आंदोलनकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे प्रशासन की गैरजिम्मेदाराना कार्रवाई बताया।

आंदोलनकारी पुष्पा रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य सीताराम राणाकोटी ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस टेंट को भले ही तोड़ दे, लेकिन पहाड़ की महिलाओं के बुलंद हौसलों को नहीं तोड़ सकती।

स्थानीय विधायकों पर भी साधा निशाना

आंदोलन कर रही महिलाओं ने इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि जब शराबी बहु-बेटियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं, तब पुलिस और प्रशासन मौन रहते हैं। लेकिन जब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं, तो आधी रात को दमनात्मक कार्रवाई की जाती है।

पूरी रात बारिश में बैठकर गाए भजन

पुलिस द्वारा टेंट हटाए जाने के बावजूद महिलाएं अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटीं। वे पूरी रात मूसलाधार बारिश में भीगते हुए सड़क पर बैठीं रहीं और ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाकर विरोध दर्ज कराती रहीं।

घटना के दौरान बनाए गए लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इसके बाद पूरे प्रदेश में सरकार और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है।

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