धामी कैबिनेट विस्तार: बहुगुणा के बाद फिर बना रिकॉर्ड, पांच साल बाद पूरी हुई 12 सदस्यों की टीम
उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों और चर्चाओं के बीच आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कैबिनेट का विस्तार कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में करीब पांच साल बाद फिर से मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्यों वाली पूरी कैबिनेट तैयार हो गई है।
दिलचस्प बात यह है कि उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में निर्वाचित सरकार में 11 कैबिनेट मंत्रियों वाली पूर्ण टीम बनाने का रिकॉर्ड पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम दर्ज हुआ था। अब यह उपलब्धि दो बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम भी दर्ज हो गई है।
राजनीतिक उतार-चढ़ाव, लंबे मंथन और संभावित नामों को लेकर चली चर्चाओं के बाद धामी सरकार ने आखिरकार अपनी पूरी टीम तैयार कर ली है। धामी की पहली सरकार (धामी-1) में भी 11 कैबिनेट मंत्री थे और अब धामी-2 सरकार में भी कैबिनेट का विस्तार कर यह संख्या पूरी कर ली गई है।
हालांकि मार्च 2022 में जब धामी की दूसरी सरकार बनी थी, तब कैबिनेट में केवल आठ मंत्री शामिल किए गए थे। बाद में मंत्री चंदन रामदास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण मंत्रियों की संख्या घटकर छह रह गई थी। अब नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद कैबिनेट फिर से पूरी हो गई है।
उत्तराखंड की विभिन्न सरकारों में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक अलग-अलग सरकारों में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या अलग-अलग रही है।
1. नारायण दत्त तिवारी सरकार (2002–2007)
प्रदेश की पहली निर्वाचित सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 9 कैबिनेट मंत्री थे। इनमें इंदिरा हृदयेश, नरेंद्र सिंह भंडारी, हीरा सिंह बिष्ट, तिलक राज बेहड़, तेजपाल सिंह रावत, महेंद्र सिंह माहरा, प्रीतम सिंह, नवप्रभात और गोविंद सिंह कुंजवाल शामिल थे।
2. भुवन चंद्र खंडूरी सरकार (2007–2009)
इस सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 9 कैबिनेट मंत्री थे। इनमें प्रकाश पंत, रमेश पोखरियाल निशंक, मातबर सिंह कंडारी, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, दिवाकर भट्ट, त्रिवेंद्र सिंह रावत, मदन कौशिक और राजेंद्र भंडारी शामिल थे।
3. रमेश पोखरियाल निशंक सरकार (2009–2011)
इस कार्यकाल में मुख्यमंत्री के अलावा 7 कैबिनेट मंत्री थे। इनमें मातबर सिंह कंडारी, प्रकाश पंत, दिवाकर भट्ट, मदन कौशिक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र भंडारी और बिशन सिंह चुफाल शामिल रहे।
4. खंडूरी सरकार-2 (2011–2012)
दूसरी बार बनी खंडूरी सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 6 कैबिनेट मंत्री थे।
5. विजय बहुगुणा सरकार (2012–2014)
इस सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 11 कैबिनेट मंत्री शामिल थे। इनमें इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम सिंह, अमृता रावत, हरक सिंह रावत, दिनेश अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रीतम सिंह पंवार, हरीश चंद्र दुर्गापाल और सुरेंद्र राकेश शामिल थे।
6. हरीश रावत सरकार (2014–2017)
इस कार्यकाल में मुख्यमंत्री के अलावा 9 कैबिनेट मंत्री थे।
7. त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार (2017–2021)
इस सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 6 कैबिनेट मंत्री रहे, जिनमें सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, मदन कौशिक, यशपाल आर्य, अरविंद पांडेय और सुबोध उनियाल शामिल थे।
8. तीरथ सिंह रावत सरकार (2021)
इस सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 8 कैबिनेट मंत्री शामिल थे।
9. पुष्कर सिंह धामी सरकार-1 (जुलाई 2021 – मार्च 2022)
इस सरकार में कुल 11 कैबिनेट मंत्री थे, जिनमें सतपाल महाराज, बंशीधर भगत, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल, अरविंद पांडे, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, धन सिंह रावत, रेखा आर्य और यतीश्वरानंद शामिल थे।
10. पुष्कर सिंह धामी सरकार-2 (23 मार्च 2022 से)
दूसरी धामी सरकार की शुरुआत आठ कैबिनेट मंत्रियों से हुई थी। बाद में मंत्रियों की संख्या घटकर छह रह गई थी, लेकिन अब नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद कैबिनेट फिर से पूरी हो गई है।
इस तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के साथ उत्तराखंड की राजनीति में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। प्रदेश में निर्वाचित सरकारों के इतिहास में अब वह ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने दो बार 11 कैबिनेट मंत्रियों वाली पूर्ण टीम का गठन किया है।



