देहरादून: चैत्र नवरात्र 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। इस बार नवरात्र के दौरान मां दुर्गा का आगमन पालकी पर बताया जा रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जाता है। नवरात्र के पावन पर्व को लेकर देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है और मंदिरों में विशेष अनुष्ठानों की तैयारी शुरू हो चुकी है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। इसी तिथि से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होगा और पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। इस बार कलश स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं—
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पहला मुहूर्त: सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक
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दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
इन शुभ मुहूर्तों में कलश स्थापना और मां दुर्गा की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
बाजारों में बढ़ी रौनक
नवरात्र के करीब आते ही देहरादून के बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। पूजा सामग्री, माता की चुनरी, नारियल और प्रतिमाओं की दुकानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है।
व्यापारी शिवांश गुप्ता ने बताया कि इस बार माता की चुनरी 20 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक उपलब्ध है, जबकि नारियल करीब 50 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसके अलावा मां दुर्गा की प्रतिमाएं 200 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकांश श्रद्धालु नवरात्र शुरू होने से एक दिन पहले ही माता की प्रतिमा की खरीदारी करना पसंद करते हैं, जिससे बाजार में अंतिम दिनों में ज्यादा भीड़ रहती है।
चैत्र नवरात्र को हिंदू धर्म में शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है। नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा कर व्रत रखते हैं और घरों तथा मंदिरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।



