उत्तराखंड में तबादला प्रक्रिया शुरू, लेकिन शिक्षकों के स्थानांतरण पर संशय; सुगम-दुर्गम विवाद कोर्ट में
देहरादून: प्रदेश में तबादला एक्ट के तहत सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले फिलहाल होते नहीं दिख रहे हैं। सुगम और दुर्गम क्षेत्रों के निर्धारण से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण इस वर्ष भी शिक्षकों के तबादले अटकने की आशंका जताई जा रही है।
राज्य में लागू तबादला एक्ट के अनुसार प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय-सारणी के तहत विभागों को स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके तहत 31 मार्च तक विभागाध्यक्षों को तय मानकों के अनुसार कार्यस्थलों का चिह्नीकरण करना अनिवार्य है। इसके बाद अगले चरण में स्थानांतरण से संबंधित सूचियां तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाती हैं।
हालांकि कर्मचारियों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा विभाग होने के बावजूद शिक्षा विभाग में इस साल शिक्षकों के स्थानांतरण पर अनिश्चितता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक न्यायालय में लंबित मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक सुगम-दुर्गम क्षेत्र के आधार पर तबादले करना संभव नहीं होगा।
तय समय-सारणी के अनुसार होना है पूरा कार्य
तबादला एक्ट के प्रावधानों के अनुसार हर वर्ष एक अप्रैल तक मंडल और जिला स्तर पर स्थानांतरण समितियों का गठन किया जाना चाहिए। इसके बाद 15 अप्रैल तक सभी संवर्गों के लिए सुगम और दुर्गम क्षेत्रों के कार्यस्थलों, खाली पदों तथा स्थानांतरण के पात्र कर्मचारियों की सूची विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित की जानी होती है।
कुछ विभागों का कहना है कि शासन स्तर से स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद ही वे इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे, जबकि कार्मिक विभाग का मत है कि सभी विभागों को बिना किसी अतिरिक्त आदेश का इंतजार किए निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
कोर्ट में लंबित है सुगम-दुर्गम क्षेत्र का मामला
शिक्षा सचिव रविनाथ रामन के अनुसार, सुगम और दुर्गम क्षेत्रों के आधार पर शिक्षकों के तबादलों पर फिलहाल न्यायालय की रोक लगी हुई है। इसी कारण सामान्य प्रक्रिया के तहत स्थानांतरण संभव नहीं हो पा रहा है।
हालांकि उन्होंने बताया कि धारा 27 के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के लगभग 250 शिक्षकों के तबादले का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा गया है।
वहीं, कार्मिक सचिव शैलेश बगोली का कहना है कि तबादला एक्ट के अंतर्गत हर साल स्थानांतरण की स्पष्ट समय-सारणी तय है और सभी विभागों को उसी के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए।
एक ही क्षेत्र के दो स्कूलों को अलग श्रेणी देने से बढ़ा विवाद
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार उत्तरकाशी जिले में एक ही क्षेत्र में स्थित दो विद्यालयों को अलग-अलग श्रेणियों में दर्शाया गया है। इनमें जूनियर हाईस्कूल को दुर्गम क्षेत्र और प्राथमिक विद्यालय को सुगम क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसी विसंगति को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिसके बाद सुगम-दुर्गम आधार पर तबादलों पर रोक लग गई।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी के मुताबिक यह प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है और इसका अंतिम निपटारा नहीं हुआ है। ऐसे में शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर तबादला प्रक्रिया शुरू होने में अभी समय लग सकता है।



