देहरादून। चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने इस बार व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम मॉनीटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। इससे यात्रा मार्ग पर किसी भी तीर्थयात्री की तबीयत खराब होने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सुरक्षित और स्वस्थ चारधाम यात्रा को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। यात्रा मार्गों, मुख्य पड़ावों और चारों धामों में स्थायी और अस्थायी चिकित्सा इकाइयों को मजबूत किया जा रहा है। इन केंद्रों पर अनुभवी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्गों पर 177 एंबुलेंस तैनात की जाएंगी। इसके अलावा गंभीर परिस्थितियों में हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। टिहरी क्षेत्र में एक बोट एंबुलेंस और एक हेली एंबुलेंस क्रियाशील रहेगी, जिसका संचालन एम्स ऋषिकेश के माध्यम से किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखा जाएगा, ताकि समय रहते मरीज को चिकित्सा सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, खासकर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली समस्याओं जैसे ऑक्सीजन की कमी, सांस लेने में दिक्कत और थकान जैसी स्थितियों की पहचान कर तुरंत उपचार दिया जाएगा।
चारधाम यात्रा के दौरान चिकित्सा सेवाओं को सुचारु रखने के लिए 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल अधिकारी और 85 पैरामेडिकल स्टाफ को 15-15 दिन के रोस्टर के आधार पर तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही 100 स्वास्थ्य मित्रों को भी यात्रा मार्गों पर लगाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चारधाम यात्रा पर आने वाला हर श्रद्धालु सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सके। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।



