भराड़ीसैंण विधानसभा में चले शब्दों के बाण, सरकार ने रखा चार साल का रोडमैप; विपक्ष आक्रोशित
भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पांच दिनों तक चले इस सत्र में जहां सरकार ने अपने चार वर्षों की उपलब्धियों और आने वाले समय के रोडमैप को सदन के पटल पर रखा, वहीं विपक्ष ने भ्रष्टाचार, खनन, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया।
भराड़ीसैंण की शांत वादियों में चले इस सत्र के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। साथ ही सत्ता और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।
बजट पर हुई लंबी चर्चा
शुक्रवार को सदन में भोजनावकाश के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने भाग लिया। विधानसभा सत्र के पांचवें दिन सदन में भ्रष्टाचार, अवैध खनन, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।
सरकार ने पहले से ही सत्र की अवधि पांच दिन निर्धारित की थी। हालांकि विपक्ष लगातार सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करता रहा और सरकार पर सदन को पर्याप्त समय न देने का आरोप लगाता रहा।
मुख्यमंत्री ने दिया जवाब का भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो चर्चा के लिए सत्र को सोमवार तक भी चलाया जा सकता है।
आमतौर पर विधानसभा में विपक्ष के वॉकआउट के बाद बजट ध्वनिमत से पारित किया जाता रहा है, लेकिन इस बार विपक्ष सदन में मौजूद रहा। सरकार ने भी विपक्ष की रणनीति को देखते हुए बजट पर चर्चा का पूरा अवसर दिया।
आखिरी समय तक सदन में मौजूद रहा विपक्ष
पांच दिनों तक चले इस सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मुद्दों को लेकर तीखी बहस होती रही। दोनों पक्ष एक-दूसरे को नियमों और संसदीय परंपराओं की सीख देते नजर आए।
सत्र के अंतिम दिन विधानसभा परिसर के बाहर यह चर्चा भी रही कि देर शाम तक बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। हालांकि सरकार ने विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया और विपक्ष भी अंतिम समय तक सदन में डटा रहा।
रात 12:30 बजे पारित हुआ बजट
भराड़ीसैंण विधानसभा में दोपहर बाद धीरे-धीरे गतिविधियां कम होने लगी थीं और कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी वापस लौटने लगे थे। इसके बावजूद सरकार के मंत्री और विधायक देर रात तक भराड़ीसैंण में मौजूद रहे।
अंततः देर रात करीब 12:30 बजे बजट पारित किया गया, जिसके बाद विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।



