चमोली। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे कैडेट्स के बीच पहुंचे और उनके साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैडेट्स के सवालों का सहजता से जवाब देते हुए कहा कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है और रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
संवाद कार्यक्रम में मौजूद कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से सेना, रोजगार और उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हो चुकी है और लगातार इसका आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
सैनिकों के जीवन से मिली प्रेरणा
संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक परिवार से होने के कारण क्या उनका मन भी सेना में जाने का हुआ था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की तुलना में अत्यंत सम्माननीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं।
उन्होंने बताया कि अपने पिता के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। जिस प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ सैनिक देश की सेवा करते हैं, उसी भावना के साथ वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
सेना हो रही आत्मनिर्भर, बढ़ रहा रक्षा निर्यात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और सेना का निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भी सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हितों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जहां राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाओं और स्मृतियों को संजोया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।
अग्निवीरों को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
कार्यक्रम के दौरान ओपी कंडारी ने पूछा कि अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद सरकार रोजगार के लिए क्या व्यवस्था करेगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा भी विभिन्न क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर दिए जा रहे हैं।
‘धाकड़ धामी’ पहचान पर दिया जवाब
रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनकी पहचान ‘धाकड़ धामी’ के रूप में क्यों बनी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ हमेशा सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य है। इसके साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
परिवार को समय देने पर क्या बोले सीएम
हिमांशु रौतेला ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वे अपने परिवार को समय कैसे दे पाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में राज्य के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं।
वहीं अमन सेमवाल के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके चेहरे की मुस्कान का राज जनता का आशीर्वाद है, जिससे उन्हें काम करने की ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में अग्निवीर कैडेट्स उपस्थित रहे।



