देहरादून। उत्तराखंड में होली 2026 का रंगोत्सव दो दिन दूर है और लोग अब से ही रंगों में सराबोर नजर आने लगे हैं। बाजारों में गुलाल, पिचकारियां और रंगों की दुकानें सज गई हैं। इस बीच चिकित्सकों ने लोगों को आंखों और त्वचा की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले कई रंग रासायनिक और केमिकलयुक्त हैं, जो आंखों और त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। डॉ. यशपाल अग्रवाल, निदेशक, अग्रवाल मेडिकल सेंटर ने बताया कि इन रंगों से आंखों में जलन, संक्रमण, लालिमा और त्वचा पर दाने, रैशेज व चकत्ते उभर सकते हैं।
आशीर्वाद अस्पताल के निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि रासायनिक रंग आंखों में चले जाने पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक और हर्बल रंगों के प्रयोग की सलाह दी और कहा कि आंखों और त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतें।
होली में बरतें ये सावधानियां
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केवल प्राकृतिक और हर्बल रंगों का प्रयोग करें।
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होली खेलने से पहले त्वचा और बालों पर नारियल तेल लगाएं।
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आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें।
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एलर्जी होने पर रंगों से बचें।
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रंग छुड़ाते समय त्वचा को अधिक रगड़ें नहीं।
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आंखों में रंग जाने पर तुरंत साफ पानी से धोएं।
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त्वचा या आंखों में समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर होली के पर्व को सुरक्षित और आनंदमय बनाया जा सकता है।



