Uttarakhand: रक्षा विनिर्माण में निवेश की नई राहें, AI और रोबोटिक्स ड्रोन निर्माण की प्रदेश में अपार संभावनाएं

Uttarakhand: रक्षा क्षेत्र के लिए AI व रोबोटिक्स ड्रोन निर्माण की संभावनाएं, विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

देहरादून। उत्तराखंड में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और निवेश की संभावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित राउंड टेबल सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और ड्रोन निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रदेश के लिए बड़े अवसर बताए। सम्मेलन में सेना के लिए कपड़े, जूते और अन्य सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने की। कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय, उद्योग क्षेत्र और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में उत्तराखंड की भूमिका और संभावित रणनीतियों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।


रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने पर केंद्र सरकार का जोर

सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्रालय के उप महानिदेशक अनिल कुमार राय ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्यों को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नीतियों को सरल बना रही है तथा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए भी नए अवसर खोले जा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो आने वाले समय में और बढ़ने की संभावना है।


उत्तराखंड निवेश के लिए तैयार: उद्योग सचिव

सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र एक निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है और उत्तराखंड भी इस राष्ट्रीय परिवर्तन के साथ कदम मिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार निवेशकों को नीतिगत समर्थन, भूमि उपलब्धता और संस्थागत सुविधा तंत्र प्रदान करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने बताया कि खुरपिया, सितारगंज और नेपा फार्म सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 3800 एकड़ भूमि निवेश के लिए उपलब्ध है।


बड़े निवेश पर 400 करोड़ तक सब्सिडी

प्रदेश सरकार की मेगा इंडस्ट्रियल एवं निवेश नीति के तहत बड़े निवेशकों को 400 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं एमएसएमई क्षेत्र में विनिर्माण उद्योगों को अधिकतम चार करोड़ रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया है।


स्टार्टअप्स को रक्षा नवाचार में मिलेगा प्रोत्साहन

आईडेक्स (iDEX) की उप कार्यक्रम निदेशक गांगेई गवांद ने बताया कि रक्षा और नवाचार क्षेत्र में कार्य करने वाले स्टार्टअप्स को 25 करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के स्टार्टअप इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


AI, ड्रोन और सैन्य उपकरण निर्माण में अवसर

सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड में रक्षा विनिर्माण के अंतर्गत AI आधारित तकनीक, रोबोटिक्स ड्रोन, सैन्य वर्दी, जूते तथा अन्य सहायक सेवाओं से जुड़े उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि उपयुक्त नीतिगत सहयोग और तकनीकी निवेश के साथ उत्तराखंड भविष्य में रक्षा उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

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