देहरादून में STF की बड़ी कार्रवाई, सुनील राठी गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार; दो पिस्टल और सात कारतूस बरामद

देहरादून: बड़ी आपराधिक वारदात की साजिश नाकाम, STF ने किया खुलासा

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने देहरादून में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी सुनील राठी गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर संभावित आपराधिक घटना को होने से पहले ही विफल कर दिया। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो वाहन, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुनील राठी अपने गैंग के माध्यम से देहरादून में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। एसटीएफ को इस संबंध में गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम लगातार गैंग के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।


मुखबिर की सूचना पर सहस्त्रधारा रोड में घेराबंदी

एसटीएफ टीम 26 फरवरी 2026 को सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सुनील राठी गैंग के दो सदस्य काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन से सहस्त्रधारा की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने पैसिफिक गोल्फ एस्टेट के पास सड़क पर घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सवार दो युवकों को हिरासत में लिया गया।


आरोपियों की पहचान और बरामदगी

पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान भानू चौधरी (22 वर्ष) निवासी सहारनपुर और पारस (28 वर्ष) निवासी मुजफ्फरनगर के रूप में बताई। तलाशी के दौरान दोनों के पास से एक-एक .32 बोर की अवैध पिस्टल और कुल सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से काले रंग की स्कॉर्पियो-एन (UP-51 BS 0001), दो आईफोन और 40 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।


जेल में बंद सुनील राठी से लगातार संपर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कुख्यात अपराधी सुनील राठी के सीधे संपर्क में थे और कई बार पौड़ी गढ़वाल जेल में उससे मिलने भी गए थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे विवादित जमीनों के मामलों में सुनील राठी का नाम लेकर लोगों को डराते थे और समझौता कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।


मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी

एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई थाना राजपुर पुलिस द्वारा की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गैंग के अन्य सदस्यों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी वारदात को रोका जा सके।

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