Pauri: रांसी मैदान में सीएम धामी का बजट पूर्व संवाद, बोले– जनसहभागिता से तैयार होगा जनहितकारी बजट

रांसी स्टेडियम में विभिन्न वर्गों से किया सीधा संवाद

Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को पौड़ी जिला मुख्यालय स्थित रांसी स्टेडियम के बहुद्देश्यीय भवन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, पर्यटन व्यवसायियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर आगामी बजट के लिए सुझाव आमंत्रित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस बार ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करेगी, जो प्रदेश की क्षेत्रीय विशेषताओं और आम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट निर्माण प्रक्रिया में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विकास योजनाएं जमीनी स्तर की अपेक्षाओं को पूरा कर सकें।


सीमांत क्षेत्रों से भी लिए जा रहे सुझाव

सीएम धामी ने कहा कि केवल शहरी क्षेत्रों ही नहीं, बल्कि सीमांत और पर्वतीय इलाकों में भी संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सुझाव एकत्र किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याएं और संभावनाएं भी बजट का हिस्सा बनें।

उन्होंने बताया कि राज्य में होम स्टे, स्वरोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का पलायन कम होगा।


किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी बनाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसके लिए तकनीकी प्रशिक्षण, जिला स्तर पर प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

उन्होंने पर्वतीय कृषि को बढ़ावा देने, बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विस्तार और क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने के सुझावों पर गंभीरता से कार्य करने का आश्वासन दिया।


पर्यटन और हेली सेवा के विस्तार की योजना

सीएम ने कहा कि राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए होम स्टे के लिए रियायती ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही हेली सेवाओं का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास और संस्कृत ग्रामों एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना है।

उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि विकास की इस यात्रा में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।


रुद्रप्रयाग में भी हुए शामिल

इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी रुद्रप्रयाग में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में भी शामिल हुए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि जनता से प्राप्त सुझावों को संकलित कर बजट में समाहित किया जाएगा, ताकि विकास की धारा प्रदेश के हर क्षेत्र तक समान रूप से पहुंच सके।

Previous articleDehradun: वसंतोत्सव 2026 का रंगारंग आगाज 27 फरवरी से, लोक भवन में तीन दिन सजेगी फूलों की दुनिया, थीम ‘फ्लोरल हीलिंग’
Next articleDehradun: बिना डिग्री और लाइसेंस क्लीनिक की आड़ में चल रहा था अवैध आयुर्वेद दवाइयों का कारोबार, संयुक्त टीम ने मारा छापा