चारधाम में रील-व्लॉग पर सख्ती: बदरी-केदारनाथ सहित चारों धामों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक

देहरादून/गढ़वाल। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर अब श्रद्धालु मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। रील और ब्लॉग बनाने के दौरान धार्मिक स्थलों पर बढ़ते विवादों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया कंटेंट के नाम पर हो रही गतिविधियां कई बार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं और अव्यवस्था का कारण बन रही हैं।

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि धामों में रील और व्लॉग बनाने के दौरान लगातार विवाद की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम परिसर में भी श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और संबंधित जिलों का प्रशासन धामों से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए जमा करने की समुचित व्यवस्था करेगा।

फरवरी तक जारी होगी यात्रा प्रबंधन की धनराशि

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा प्रबंधन के लिए सभी जनपदों को फरवरी माह तक आवश्यक धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय कम और कार्य अधिक हैं, ऐसे में अति आवश्यक कार्यों की सूची तीन दिन के भीतर शासन को भेजी जाए। यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरी कार्यों की स्क्रूटनी कर एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी करें और फास्ट ट्रैक मोड में काम शुरू कराएं।

31 मार्च तक दुरुस्त होंगी सड़कें

एनएच, एनएचआईडीसीएल, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को 31 मार्च तक यात्रा मार्गों की सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, धामों और यात्रा मार्ग पर बेहतर संचार सुविधा के लिए बीएसएनएल को पर्याप्त संसाधन जुटाने के लिए कहा गया है। होटल, जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में ठहरने की बेहतर व्यवस्था, होल्डिंग प्वाइंट और पार्किंग क्षमता विकसित करने तथा स्टेकहोल्डर्स के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

15 दिन के रोटेशन पर चिकित्सकों की तैनाती

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों की ड्यूटी 15 दिन के रोटेशन पर लगाई जाए। इसके लिए चार डॉक्टरों का पैनल बनाया जाएगा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पंजीकरण व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं

चारधाम यात्रा के पंजीकरण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पंजीकरण की व्यवस्था पूर्व की भांति ही रहेगी। 60 प्रतिशत ऑफलाइन और 40 प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था यथावत रहेगी। हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को निर्देश दिए गए कि आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। वर्तमान में हरिद्वार में 38 पंजीकरण काउंटर संचालित हैं।

जाम से निपटने के लिए शटल बस सेवा पर विचार

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने बताया कि यात्रा के दौरान जाम की समस्या से निपटने के लिए छोटी बसों की शटल सेवा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। बड़ी बसों के कारण अक्सर यातायात बाधित हो जाता है। वहीं, एसपी सरिता डोभाल ने जानकारी दी कि इस बार गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर पर्यटन पुलिस की नई चौकियां बनाई जाएंगी। पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और अतिरिक्त पुलिस बल के लिए प्री-फैब्रिकेटेड आवास तैयार किए जाएंगे। उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने यात्रा व्यवस्थाओं के लिए लगभग 6 करोड़ 35 लाख रुपये की मांग की है।

ब्रह्मपुरी चौकी के पास हाईवे होगा चौड़ा

बैठक में टिहरी जिलाधिकारी निकिता खंडेलवाल ने बताया कि ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर ब्रह्मपुरी में स्थित आरटीओ चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड जांच के दौरान अक्सर जाम लग जाता है। चौकी को आगे स्थानांतरित करने के सुझाव पर विचार हुआ, लेकिन प्रस्तावित स्थान के भूस्खलन जोन में होने के कारण इसे संभव नहीं बताया गया। इसके बाद ब्रह्मपुरी चौकी के समीप हाईवे को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया।

2023 में चारधाम पहुंचे थे रिकॉर्ड 56 लाख श्रद्धालु

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 56 लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आए थे। पिछले यात्रा सीजन में भी 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और सभी के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन हुआ। इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

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