देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को वन मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने दस्तावेज सत्यापन अभियान को और तेज करने, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा अपात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड तत्काल निरस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जो भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं का पात्र है, उसे समय पर पूरा लाभ मिले। पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग इसी भावना के साथ कार्य करें।
अतिक्रमण और विकास कार्यों पर सख्ती
मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए और नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के लिए आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों और एलिवेटेड कॉरिडोर के विस्तार एवं सुधार से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे पर्यटन और आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता है।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष निर्देश
शीतकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। नगर निगम को रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही पुलिस विभाग को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने और नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता कार्यक्रम व औचक चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए।
साइबर अपराध और समन्वय पर जोर
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी सुबोध उनियाल ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने पर बल दिया। उन्होंने साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए और सख्त एवं कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने साझा की प्रगति रिपोर्ट
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है।
जिले में कुल 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन किया गया है, जिसमें 5,590 अपात्र कार्ड निरस्त किए गए। इसी तरह 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड रद्द किए गए हैं। अतिक्रमण के मामले में जिले की कुल 57 हेक्टेयर भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
प्रमुख परियोजनाएं प्रगति पर
जिला प्रशासन ने बताया कि रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर सहित चार प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। पांवटा साहिब–बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा और 12 बेड के एसएनसीयू की स्थापना की गई है।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान में 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा–सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
संडे मार्केट और रोड कटिंग पर गरमाई बैठक
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक विनोद चमोली ने संडे मार्केट और रोड कटिंग का मुद्दा उठाया, जिस पर माहौल गरमा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई फैसले जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना किए जा रहे हैं, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है। संडे मार्केट को ऐसी जगह स्थानांतरित किया गया है, जहां पहले से ही भारी भीड़ रहती है और हर सप्ताह जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। विधायक ने शहर में चार-पांच वैकल्पिक स्थान चिन्हित करने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
रोड कटिंग को लेकर भी विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बिना समुचित जांच के अनुमतियां दी जा रही हैं, जिससे नई बनी सड़कों को दोबारा खोदा जा रहा है और आम जनता को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि सड़क निर्माण से जुड़े सभी कार्यों—बिजली, पानी, गैस और अन्य भूमिगत लाइनों—को संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तय समयसीमा में पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से स्पष्ट कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें सभी विभाग मिलकर एक साथ कार्य करें, उसके बाद ही सड़क निर्माण किया जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।



