आशीष भट्गांई की अध्यक्षता में मनरेगा के तहत किये जा रहे कार्यों की सहवर्गीय समीक्षा बैठक आयोजित की

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विकास भवन सभागार पौड़ी में आज मुख्य विकास अधिकारी आशीष भट्गांई की अध्यक्षता में मनरेगा के तहत किये जा रहे कार्यों की सहवर्गीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर मनरेगा मे होने वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये साथ ही कहा कि पहले छोटे कामों को, जो पूर्ण होने वाले है, उन्हें पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के सामाजिक आर्थिक तथा जातिगत जनगणना के आधार पर पिछड़े परिवारों को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लाभान्वित होने वाले परिवारों को शीघ्र चिन्ह्ति कर लिया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी श्री भटगांई ने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि एस.ई.सी.सी. परिवारों को लक्ष्य 2020 के अन्तर्गत विभागीय योजनाओं/परियोजनाओं के माध्यम से एस.ई.सी.सी. पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। मुख्य विकास अधिकारी ने कल्जीखाल, वीरौंखाल, एकेश्वर रिखणीखाल और थलीसैंण के खण्ड विकास अधिकारियों को एस.ई.सी.सी. में धीमी प्रगति के लिए फटकार लगाई। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हर ब्लॉक में पांच घर मॉडल के रूप में बनाये और उनमें वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करें।

उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर कार्यों में तेजी लाये, जिससे निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सके। कहा कि मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों को तेजी से करने के साथ किए गए कार्यों में गुणवता बनाये रखें। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो अधिकारी काम नही कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कार्यवाही करें, और जो अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें पुरस्कृत करें। उन्होंने कहा कि आजीविका पैकेज मॉडल में लाभार्थियों का जल्द ही चयन कर उन्हें योजना से लाभांवित किया जाए।

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उन्होंने पीएम श्रम योगी मान धन योजना, मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम, पीएम आवास योजना तथा स्कूलों में न्युट्री गार्डन आदि में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत स्वय सहायता समूहों के माध्यम से कार्यों की मांग को बढ़ाया जा सकता है। कहा कि मनरेगा के तहत निजी कार्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिसमे पशु बाड़ा, मुर्गी बाड़ा वॉटर टैंक जैसे कार्य शामिल होने चाहिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मनरेगा में किए गए कार्यों में जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दें, जिसमे चाल खाल जैसे कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनपद में 395 वॉटर सोर्स है जिनका संरक्षण किए जाने के साथ ही उन से पेयजल की समस्या को दूर किए जाने की आवश्यकता है। कहा कि मनरेगा से जो भी कार्य हो रहे है उन पर सूचना बोर्ड जरूर लगवाएं। साथ ही निर्माण के पश्चात आवश्यकतानुसार रंग रोगन भी करा ले। कहा कि वर्षा जल का उपयोग कर भूमिगत जल को बनाये रखा जा सकता है।

बैठक में पीडी संजीव कुमार राॅय, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, खण्ड विकास अधिकारी एकेश्वर सुमनलता, जयहरीखाल आर.एस.नेगी, रिखणीखाल एस.पी. थपलियाल, खिर्सू डी.सी. पन्त, कोट दिनेश बडौनी, बीरौंखाल एन.सी.सुयाल, कल्जीखाल सत्यप्रकाश, पौखड़ा ओमप्रकाश, पौड़ी प्रवीण भट्ट, दुगड्डा जयेन्द्र भारद्वाज, नैनीडांडा संतोष सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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