गढरत्न नरेन्द्र सिंह नेगी के नाम रही शरदोत्सव की तीसरी संध्या।

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पौड़ी,पंकज रावत। रामलीला के एतिहासिक मंच पर शरदाेत्सव की तीसरी शाम गढरत्न नरेन्द्र सिंह नेगी और साथी कलाकाराें ने सुरों और कला का अद्भुद समां बांधा.उनके गीत ओ हाे मार गे, तेरी स्या करली नजर मार गे ने युवाओं काे थिरकने पर मजबूर कर दिया. सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत उन्हाेने शिव भाेले भण्डारी भजन गाकर की. इसके बाद जै बदरीनाथ जी झमकाै सामूहिक नृत्य, बाटु च सम्वारा गांगाड़्या भिना सर्र, धगुला जेवर झणमणांद, रमझम काैथिग जांद पर समूह नृत्य ने सांस्कृतिक संध्या काे यादगार बना दिया. गायिका मीना राणा ने ऐगे चाैंदिसु माैल्यार गैल्या ऐजा ऐजा, चल ईं दुन्यां से दूर चली जाैंला, ओ साहिबा सुनाकर दर्शकों का भरपूर मनाेरंजन किया. युवा गायक अनिल बिष्ट के हुंगरा लगाैंदी बिचरी नाका की नथुलि और सेल्फी बांद गायन पर युवाओं ने जमकर डांस किया. ऊषा नेगी, राज लक्ष्मी, अंजली मनियारी और राेशनी नेगी ने सर्ग तरा जुन्यलि राता की भावपूर्ण प्रस्तुति दी. युवा गायक प्रेम बल्लभ पंत ने अपनी संस्कृति काे समर्पित गीत डी. जे. का घमघ्याट मा गीत गाकर दर्शकाें पर एक अलग छाप छाेड़ी. काेरस में शैलेन्द्र पटवाल, राकेश मंद्रवाल नृत्य में सुदर्शन बिष्ट, अशाेक रावत, विनाेद श्री काेटी, साेहन चाैहान, दुर्गा सागर, अंकित नेगी, नीलम ताेमर, आरती सकलानी, पूजा मनराल, शालिनि सुन्द्रियाल ने प्रस्तुति दी. संगीत पक्ष में आर्गन पर विनाेद चाैहान, तबला जयेन्द्र सिंह, ढाेलक सत्येन्द्र सिंह, पैड रवि थापा, बांसुरी द्वारिका नाैटियाल थे. संचालन गणेश खुगशाल गणी ने किया.

इससे पूर्व सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख मुकेश नेगी ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्हाेने अपने संबाेधन मे कहा कि इस आयाेजन से अपनी संस्कृति काे समझने का अवसर मिलता है साथ ही प्रतिभाओं काे अपनी प्रतिभा दिखाने का माैका भी मिलता है. आयाेजन के लिए उन्हाेने पालिका परिषद के अध्यक्ष यशपाल बेनाम की सराहना की. उन्हाेने नरेन्द्र सिंह नेगी, मीना राणा और अनिल बिष्ट काे स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया.

इस अवसर पर सभाषद अनीता रावत, अनीता काला, यशाेदा नेगी, मनमाेहन सिंह, विक्रम रावत, सरस्वती प्रकाश बहुगुणा, संदीप काला, पत्रकार राकेश रमन शुक्ला, राठ उत्थान समिति के अध्यक्ष घनानंद रतूड़ी आदि माैजूद थे.