पाकिस्तान से निपटने के लिए गठित की जाएगी अलग जम्मू-कश्मीर कमान

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सेनाओं के पुनर्गठन का काम कर रहे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत  ने तीनों सेनाओं में व्यापक बदलाव का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए जनरल रावत ने बताया, जल, थल और वायुसेना को मिलाकर पांच संयुक्त कमान(थिएटर कमान) गठित होंगे।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर कमांड का गठन होगा। इसके अलावा समुद्र सुरक्षा, चीन, साइबर और नाभिकीय खतरों से निपटने के लिए भी अलग संयुक्त कमान बनाए जा रहे हैं।
सेना की रक्षा और हमले की रणनीति में बड़े फेरबदल की जानकारी देते हुए सीडीएस ने बताया, चीन और पाकिस्तान के मद्देनजर अलग संयुक्त कमांड की जरूरत काफी दिनों से महसूस की जा रही थी। पाकिस्तान की ओर से खतरों और चुनौतियों को देखते हुए सेना के तीनों अंगों को मिलाकर जम्मू-कश्मीर संयुक्त कमान का गठन किया जा रहा है। जम्मू से दक्षिणी सीमा के लिए भी अलग कमान बनाया जा सकता है। चीन को लेकर बनने वाले थिएटर कमान को नेपाल के पूर्वी और पश्चिमी भाग में बांटा जा सकता है।

2021 से वायुसेना का डिफेंस, नौसेना का संयुक्त कमान

जनरल रावत ने बताया, समुद्र की रक्षा के लिए अलग थिएटर कमान होगा। 31 मार्च तक इसकी औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी। 2021 के आखिर तक नौसेना की अगुवाई में अलग नेवल संयुक्त कमान काम शुरू कर देगा। वायु सेना का संयुक्त डिफेंस कमांड 2021 तक काम करना शुरू कर देगा।

इस साल के अंत तक सभी थिएटर कमान का आधारभूत काम पूरा कर लिया जाएगा। तीन महीने में इसकी शुरुआती रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। जनरल रावत ने कहा, जिस रफ्तार से काम चल रहा है उसके मुताबिक 2022 तक सभी संयुक्त या थिएटर कमान काम शुरू कर देंगे।

फिलहाल 19 कमांड, दो ही साझा

देश में फिलहाल सेना के 19 कमान हैं। इनमें अंडमान-निकोबार कमान और नाभिकीय मामलों से जुड़े स्ट्रेटिजिक फोर्सेज कमान में ही सेना के तीनों अंग साथ काम करते हैं। नए प्लान में इनको मजबूती देने का भी काम चल रहा है। बाकी 17 कमांड में तीनों अंग जरूरत के मुताबिक अलग-अलग काम कर रहे हैं। वायु सेना और थल सेना के सात-सात कमान हैं जबकि नौसेना के तीन कमान हैं।

चीन और अमेरिका की तर्ज पर तैयारी

जनरल रावत ने कहा, संयुक्त कमान की विशेष ट्रेनिंग और रक्षा खरीद पर विशेष पैकेज तैयार किया गया है। मौजूदा कमान को कम कर सामरिक जरूरत के मुताबिक संयुक्त कमान का गठन वक्त की जरूरत है। इससे देश की रक्षा में ज्यादा पैनापन आएगा। गौरतलब है कि चीन और अमेरिका इसी संयुक्त कमान या थिएटर कमान के मॉडल पर काम कर रहा है।

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