भाजपा के वरिष्ठ नेता उमेश अग्रवाल का निधन, पार्टी के झंडे में लपेटकर दी विदाई

238

भाजपा के वरिष्ठ नेता और दून के प्रमुख कारोबारी उमेश अग्रवाल का बीमारी के कारण निधन हो गया। वह पिछले कुछ वर्षों से कैंसर से पीडि़त थे। रविवार को लक्खीबाग श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह अपने पीछे पत्नी रजनी, दो बेटे सिद्धार्थ और प्रांजल को छोड़ गए हैं।

उमेश अग्रवाल ने कुछ माह पहले सिंगापुर में मुंह के कैंसर की सर्जरी कराई थी। मगर, इंफेक्शन बढऩे पर परिजन जून के दूसरे सप्ताह में उन्हें सिंगापुर में ले गए। जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए कीमोथेरेपी से इन्कार कर दिया था। इस पर परिजन उन्हें वापस घर ले आए थे। परिजनों ने बताया कि रविवार तड़के सुभाषनगर (क्लेमनटाउन) स्थित घर पर उनकी तबियत बिगड़ गई।

इस खबर को भी पढ़िए :  कांग्रेस ने आजादी के साथ देश का बंटवारा भी किया

उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते, इससे पहले ही उनका निधन हो गया। उमेश अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के करीबी रहे। वह भाजपा महानगर के पूर्व अध्यक्ष और प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधि मंडल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक, अग्रवाल महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष आदि पदों पर रहे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, समेत भाजपा के कई मंत्री, विधायक और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने घर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

उमेश को पार्टी के झंडे में लपेटकर दी विदाई

भाजपा के वरिष्ठ नेता उमेश अग्रवाल को उनके सुभाषनगर स्थित आवास पर श्रद्धांजलि देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान पार्टी में अग्रवाल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि उमेश के निधन से पार्टी को बड़ी क्षति हुई है।

इस दौरान पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र और पार्टी का झंडा चढ़ाया गया। इधर, विभिन्न संगठनों ने उमेश अग्रवाल के निधन पर शोक सभाएं कर श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा के वरिष्ठ नेता उमेश अग्रवाल के निधन की सूचना मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और परचित सुभाषनगर स्थित घर पहुंचे।

यहां सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लगा रहा। दोपहर बाद मुख्यमंत्री रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल सांसद अजय भट्ट, पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, महापौर सुनील उनियाल गामा समेत देहरादून के भाजपा के सभी विधायक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उमेश के राजनीतिक, व्यापारिक और सामाजिक संगठनों में रही भूमिका और व्यवहार पर हर कोई चर्चा करता रहा।

इस खबर को भी पढ़िए :  उत्तराखंड में करीब 3000 शिक्षको के हो सकते है तबादले