रीता गहतोड़ी ने शंकराचार्य स्वरूपानंद के बयान का किया विरोध, पीएम को भेजा ज्ञापन

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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने बेटियों के संबंध में दिए बयान का समाज सेवी व तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित रीता गहतोड़ी ने विरोध किया है। इस बाबत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया है।

ज्ञापन के जरिए रीता ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा था कि दाह संस्कार, पिंड दान करने वाली बेटियां संपति के लिए संस्कार करती है। बेटी के तर्पण से पितरों को मोक्ष नहीं मिलता। रीता ने कहा कि बेटा हो या बेटी एक ही मां की संतान होती है। धरती में आकर उनके साथ भेदभाव क्यों होता है। मैंने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया और मुखाग्नि दी।

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पित्तरों का श्राद्ध एवं पिंडदान करती हूं। सौ से अधिक शव यात्रा में शामिल हो चुकी हूं। एक ओर सरकार बेटी बचाओ अभियान को चला रही है। वहीं दूसरी ओर इस तरह के विवादित बयान दिए जा रहे है। उन्होंने पीएम से इस तरह के बयानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

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