पुलिस ने बिना सोचे समझे लगाया आरोप, यकीन करना मुश्किल

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अपनी ‘मित्र’ पुलिस जो कर जाए, कम है। शहर में पुलिस पर यूं तो लूट से लेकर तमाम माफिया से सांठगांठ के आरोप लग चुके हैं, लेकिन ताजा मामले में पुलिस के कानूनी ‘ज्ञान’ पर ही सवाल उठने लगे हैं। दून की वसंत विहार थाना पुलिस ने रविवार को जो किया, वह शायद ही किसी के गले उतरे। पुलिस ने 24 सीटर सिटी बस में 48 सवारी सीट पर बैठाने का चालान किया। ये हम नहीं कह रहे, पुलिस ने चालान में दर्ज किया है कि बस में 48 सवारी बैठी हुई हैं। यही नहीं आरोप है कि पुलिस ने जिस धारा में चालान कर बस को सीज किया उसका अधिकार भी पुलिस के पास नहीं है। इसके अधिकार केवल परिवहन विभाग के पास हैं।

देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ की ओर से पुलिस की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी दी गई है। महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि रविवार को वसंत विहार थाना पुलिस ने नालापानी-सीमाद्वार रूट की सिटी बस (यूके07-पीए-0315) को चेकिंग का हवाला देकर रोका। बस 24 सीट में पास है और नियमों के अंतर्गत इसमें सीटें फुल होने पर 12 सवारी खड़े होकर सफर कर सकती हैं। महासंघ के अनुसार बस में छह सवारी खड़ी थी, जबकि 24 सीटें फुल थीं। आरोप है कि पुलिस ने 48 सवारी दिखाकर बस का चालान किया। यही नहीं चालान में दर्ज किया कि बस की सीटों पर 48 सवारी बैठी हुई है।

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महासंघ ने सवाल उठाए हैं कि 24 सीटों पर 48 लोग कैसे बैठ सकते हैं। महासंघ के अनुसार ओवरलोडिंग पर लिखा जाता है कि कितनी सवारी बैठी हैं, कितनी खड़ी हैं लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ भी दर्ज नहीं किया। ओवरलोडिंग में माल वाहनों में एमवी एक्ट की धारा 113, 114, 115/194 के तहत परिवहन विभाग चालान करता है। ओवरलोड यात्री वाहनों के लिए धारा-86 के तहत कार्रवाई की जाती है। महासंघ का आरोप है कि पुलिस को ओवरलोड यात्री वाहनों का चालान करने का अधिकार नहीं है।

एक ही धारा में किसी से 500 जुर्माना तो किसी से वसूले 200 रुपये

प्रेमनगर थाना पुलिस भी वसंत विहार से पीछे नहीं है। यहां पुलिस ने एक ही धारा में वाहन चालकों से अलग-अलग जुर्माने की राशि वसूली। किसी से 500 रुपये लिए गए तो किसी से 200 रुपये, जबकि उक्त दंड में अधिकतम जुर्माना है 100 रुपये। दरअसल पुलिस ने नो-पार्किंग में दो सिटी बसों का चालान किया। एक बस से 500 रुपये का जुर्माना लिया और दूसरी से 200 रुपये का।

धाराओं से पूरी तरह अंजान

पुलिस ने नो-पार्किंग में एमवी एक्ट की धारा 179 के तहत बसों के चालान किए, जबकि यह धारा सूचना छिपाने पर लगाई जाती है। एमवी एक्ट में नो-पार्किंग के लिए धारा 122/177 है। धारा 122/177 में 100 रुपये जुर्माना है जबकि धारा-179 में 500 रुपये।

यातायात निदेशक केवल खुराना का कहना है कि अगर किसी को चालान गलत होने की शिकायत है तो यातायात पुलिस निदेशालय की वेबसाइट पर शिकायत कर सकता है। निदेशालय का फेसबुक पेज भी है। पीड़ित व्यक्ति सीधे निदेशालय आकर भी शिकायत दर्ज करा सकता है। गलत धाराओं में किए जा रहे चालान का मामला दिखाया जाएगा। जो दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

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