पंचायत चुनाव: पिछली बार के मुकाबले 0.43 फीसद कम पड़े वोट

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हरिद्वार को छोड़ राज्य के शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को हुए प्रथम चरण के मतदान को लेकर सभी जिलों से आंकड़े मिलने के बाद तस्वीर साफ हो गई है। प्रथम चरण में 2464 ग्राम पंचायतों में 69.27 लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। यह पिछले चुनाव के प्रथम चरण के मुकाबले 0.43 फीसद कम है। इस बार ऊधमसिंहनगर जिले में सर्वाधिक 86.3 फीसद और टिहरी जिले में सबसे कम 55.36 फीसद मतदान हुआ।

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पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के लिए शनिवार को 30 विकासखंडों में मतदान हुआ। कई जिलों में पोलिंग बूथों में मतदान खत्म होने की अवधि से पहले कतारें लग गई थीं। इसके चलते देर शाम तक वोट डाले गए। इसके साथ ही प्रथम चरण में किस्मत आजमा रहे 10621 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया था। मतदान संपन्न होने के बाद तड़के तक सभी जिलों के विकासखंडों में बनाए गए स्ट्रॉग रूम में मतपेटियां जमा हुईं।

हालांकि, मतदान के कुल फीसद को लेकर ऊहापोह बना हुआ था। मतदान के रुझानों के आधार पर 65 फीसद से अधिक मतदान की जानकारी दी गई थी, मगर सभी जिलों से राज्य निर्वाचन आयोग को इसके आंकड़े उपलब्ध न होने के कारण तस्वीर साफ नहीं हो पाई थी। आयोग को रात ढाई बजे तक 10 जिलों की सूचना ही मिल पाई थी। तीन बजे जाकर सभी जिलों से मतदान फीसद की जानकारी उपलब्ध हो पाई। आयोग के मुताबिक प्रथम चरण के चुनाव में कुल 69.27 फीसद लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। 2014 में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में 69.70 फीसद लोगों ने वोट डाले थे।

प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी

पंचायत चुनाव के प्रथम चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही 10621 उम्मीदवारों की बेचैनी भी बढ़ गई है। रविवार को वे गुणा-भाग में जुटे रहे। असल में अभी पंचायत चुनाव के दो चरण 11 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को होने हैं। मतगणना 21 अक्टूबर से शुरू होनी है। ऐसे में प्रथम चरण के उम्मीदवारों का जनादेश को लेकर इंतजार भी बढ़ गया है।

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