राहुल के आक्रामक रुख पर उत्तराखंड कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

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कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे के बीच प्रदेश की प्रमुख प्रतिपक्षी पार्टी कांग्रेस सियासी मोर्चे पर ज्यादा आक्रामक हो गई है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग ग्रुप की बैठक में अपनाए गए आक्रामक रुख को पार्टी लाइन मानकर प्रदेश में पार्टी के दिग्गज नेताओं ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोल दिया है।

विरोध का आलम ये है कि शारीरिक दूरी को लेकर सावधानी से कन्नी काटी जा रही है। साथ में अन्य संगठनों को आंदोलन के लिए उकसाने में पार्टी कसर नहीं छोड़ रही है। कोरोना से बचाव को लागू गाइडलाइन के उल्लंघन को लेकर पहले प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और फिर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर मुकदमें भी दर्ज हो चुके हैं।

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कोरोना काल में राहुल गांधी के रुख के साथ प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने भी ताल मिलानी शुरू कर दी है। दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आक्रामक रुख नहीं अपनाने का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया था। इस आरोप से उपजे खौफ का अंदाजा इससे लग सकता है कि पार्टी के कद्दावर वरिष्ठ नेता भी सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।

सूरतेहाल ये है कि पार्टी नेताओं का जोर जनता की नब्ज पर हाथ रखने से ज्यादा पार्टी लाइन से तालमेल बिठाने पर है। दिल्ली से देहरादून लौटकर क्वारंटाइन अवधि पूरी होते ही पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव हरीश रावत पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में सड़क पर उतरकर केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

इस दौरान सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानक का पालन नहीं करने के आरोप उन पर और उनके समर्थकों पर लगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रदेश संगठन के साथ गाहे-बगाहे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन का बिगुल फूंक रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश भी इस दौड़ में पीछे छूटना नहीं चाहतीं।

वेतन कटौती को लेकर सरकार से खफा कर्मचारी संगठनों के किसी भी आंदोलन का पूरा साथ देने का एलान नेता प्रतिपक्ष कर चुकी हैं। कोरोना संकटकाल में कांग्रेस प्रदेश में सियासत की नई पारी का आगाज करती दिख रही है।