पर्यटन के क्षेत्र में अनूठी पहल : माऊंटेन विलेज स्टे

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जनपद उत्तरकाशी के हर्सिल धराली गांव में पर्यटन के क्षेत्र में अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। ग्रामीण पर्यटन को धरातल पर स्थापित करने के लिए माउंटेन विलेज स्टे के द्वारा उत्तराखंड के पहले प्रीमियम विलेज स्टे “धराली हाइट्स” का शुभारंभ लोक गायक ओम बंधानी के करकमलों द्वारा किया गया।

दुनिया में पर्यटन क्षेत्र तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहे है जिसके चलते  शहरों से आने वाले पर्यटक  ग्रामीण जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिसके दृष्टिगत माउंटेन विलेज स्टे द्वारा नयी पहल करते हुए ग्रामीण पर्यटन में कुछ बेहतर ढांचागत सुविधाओं को स्थापित करते हुए साथ समाज की साझेदारी को पृष्ठभूमि में रखकर प्रीमियम  विलेज स्टे “धराली हाइट्स” की शुरुआत की गई  है।

गौरतलब है कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है, यमुनोत्री, गंगोत्री जैसे विश्व प्रसिद्ध धामों के साथ हरकीदून, हर्सिल नाचिकेता ताल, दयारा बुग्याल,ढोडीताल आदी रमणीक स्थल अपने अलौकिक प्राकृतिक सुन्दरता के लिए जाने जाते हैं। पर्यटन के नये नये आयामों पर सरकारी उद्घोष तो लगातार सुनाई तो देते हैं लेकिन ठोस धरातलीय पहल अभी तक हकीकत से कोसों दूर रही है।

ऐसे में गांव की शैली और स्थापत्य कला से बने आवासीय भवन को आधुनिक सुख सुविधा से तैयार कर प्रीमियम विलेज स्टे की तर्ज पर विकसित कर पर्यटन का  माडल पेश किया गया है।

माउंटेन विलेज स्टे के निदेशक विनय के० डी० ने बताया कि
धराली हाइट्स  पायलेट प्रोजेक्ट है जिसके बाद उत्तरकाशी जनपद के यमुना घाटी और अन्य जनपदों में इस को आगे बढ़ाने की योजना पर काम जारी है। केडी के अनुसार वे उत्तराखण्ड में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर पिछले कई वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसके लिये उन्होने उत्तराखण्ड में 200 नये डेस्टिनेसन्स को चिन्हित किया है । उन्होने और उनकी टीम ने भारत के विभिन्न राज्यों का भ्रमण करके होमस्टे के माडल्स का अध्ययन किया । प्रीमियम विलेज स्टे आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त होमस्टे का इनका पहला मॉडल है। इसके अलावा वे दो और मॉडल्स पर काम रहे हैं, जिनमे से दूसरा मॉडल जनवरी माह में मार्केट में उतारने की संभावना है ।

माउंटेन विलेज स्टे टीम के अनुभवी और घुमक्कड़ मिजाज सदस्य कमलेश गुरुरानी ने बताया कि उन्होने उत्तराखण्ड के गावों, संस्कृति, लोक और जीवन शैली को बहुत नजदीक से देखा है, यहां पर्यटन की अपार संभावनायें हैं। शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी से बाहर निकल कर इंसान कुछ समय गावों में गुजारना चाहता है, लेकिन वे लोग गांवों में रहते हुये भी सर्विस और क्वालिटि से कोई समझौता नहीं करना चाहते । माउंटेन विलेज स्टे उनके लिये उम्मीद की एक किरण के रूप में आगे निकलकर आयेगा।

ग्रामीण विकास परियोजनाओं के अनुभवी और माउंटेन विलेज स्टे से जुड़े अखिलेश डिमरी ने बताया कि उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों से स्थानीय लोगों का लगातार पलायन जारी है और शानदार स्थापत्य कला और शैली से बने मकान वीरान होते जा रहे हैं ऐसे में पर्यटन का यह विचार ग्रामीणों के लिये बेहतर रोजगार का मॉडल हो सकता है। जहां गांव के अन्य लोक भी इस तरह का स्वरोजगार पाकर अपने गांव को पर्यटन के मानचित्र पर उकेर सकते हैं और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की उपलब्धता बन सकती है।

लोकगायक ओम बंधानी

धराली हाइट्स का शुभारंभ करते हुए उत्तरकाशी के ख्यातिलब्ध लोकगायक ओम बंधानी ने कहा कि लोक को जीवित रखने के लिये आवश्यक है कि लोग गावों से जुड़े रहें, और गावों को जीवित रखने के लिये आवश्यक है कि गावों को जीवित रखा जाये। रोजगार हेतु पलायन की अंधी दौड़ के इस दौर में माउंटेन विलेज स्टे का यह प्रयास युवाओं को अपने ही घर-गांव में रोजगार के अवसर खड़े करने का अवसर प्रदान करेगा जिससे गांव आबाद रहेंगे। गांव आबाद रहेंगे तो लोक जीवित रहेगा, लोक गाथायें जीवित रहेंगी, परंपरायें जीवित रहेंगी, लोक भाषा जीवित रहेगी, लोक संस्कृति और लोक साहित्य जीवित रहेगा । उन्होने उसे महत्वपूर्ण सकारात्मक पहल माना है। ओम बंधानी ने कहा की इसी तरह संस्कृति के प्रचार-प्रसार से लोक साहित्य भी प्रभावशाली बनता है।

इस अवसर पर वहाँ विजयपाल रावत, माधवेंद्र रावत,  नवीन रावत, कमलेश गुरुरानी व स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। माऊंटेन विलेज स्टे के फ़ेसबुक पेज को यहां क्लिक करके लाईक करें
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