राम मंदिर निर्माण के स्वागत पर कमल नाथ और दिग्विजय की सोनिया गांधी से शिकायत

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राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह के प्रत्यक्ष रूप से स्वागत करने को लेकर कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया है। केरल के कांग्रेस सांसद टीएन प्रथापन ने दोनों नेताओं की प्रतिक्रियाओं को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे भागना बताया है।

प्रथापन ने इस बारे में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को शिकायती पत्र लिखा है। मध्य प्रदेश में भी दिग्विजय सिंह के अनुज व वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने पार्टी को नसीहत दी है कि उसको भगवाकरण से बचना चाहिए।

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केरल के कांग्रेस सांसद ने दोनों नेताओं की प्रतिक्रिया को अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे भागना बताया

गौरतलब है कि पांच अगस्त को राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन और उससे पहले दिग्विजय सिंह ने मुहूर्त को अशुभ बताया था, लेकिन राम मंदिर निर्माण का स्वागत किया था। इसी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के नाते सभी कार्यकर्ताओं को भूमिपूजन के एक दिन पहले हनुमान चालीसा का पाठ करने को कहा था। भूमिपूजन के दिन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भगवान राम की आदमकद तस्वीर, विद्युत साज सज्जा व बैंडबाजों के साथ खुशी मनाई गई थी।

कमल नाथ तथा दिग्विजय सिंह के राम मंदिर निर्माण पर उठाए गए कदम को लेकर केरल से सांसद प्रथापन ने सोनिया गांधी के समक्ष आपत्ति जताई है। सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या करने और विवादित ढांचे को ढहाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा है कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष और बहुलवादी है,

लेकिन हमें उस हिंदुत्व को स्वीकार नहीं करना चाहिए जो भाजपा और आरएसएस का है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि अदालत ने राम मंदिर के फैसले में नफरत की राजनीति के अंत की उम्मीद जताई थी, लेकिन यह लगातार बनी हुई है।

प्रदेश में कांग्रेस के भगवाकरण पर एतराज

राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के मौके पर कांग्रेस के आयोजन और भगवाकरण को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस में भी विरोध के स्वर फूटे हैं। दिग्विजय सिंह के अनुज और विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि कांग्रेस को भगवाकरण से बचना चाहिए। कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष पार्टी है और उसकी अपनी गांधीवादी विचारधारा है।

भगवा तब पहनें, जब पूजा कर रहे हों या यज्ञ में बैठे हों। जब महाकाल या अयोध्या में रामचंद्र के दर्शन करने या मथुरा में श्रीकृष्ण के दर्शन करने जाएं। लेकिन, जब जनता के बीच जाएं तो पहनावा पार्टी की सोच के अनुरूप ही होना चाहिए।

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