सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा दबाव निजी चिकित्सकों की हड़ताल अभी तक जारी

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क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के खिलाफ निजी चिकित्सकों की हड़ताल बीते एक सप्ताह से जारी है। इससे मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है। इधर, राजधानी के सबसे बड़े दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस कारण ओपीडी-आइपीडी बढ़ गई है। यही नहीं, पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी में भी काफी ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। जिस पर अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सकों को क्लास लेने, ओटी ड्यूटी के अलावा अन्य काम छोड़कर ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए हैं। उधर, कोरोनेशन अस्पताल में भी इन दिनों मरीजों की काफी भीड़ है।

क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में निजी चिकित्सक 15 फरवरी से हड़ताल पर हैं। वह प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार एक्ट में संशोधन की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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ऐसे में दून अस्पताल में पहले से करीब 30 प्रतिशत ज्यादा मरीज इलाज करवाने आ रहे हैं। कोरोनेशन अस्पताल में भी कमोबेश यही स्थिति दिख रही है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि निजी चिकित्सकों की हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में मरीजों का दबाव बढ़ा है। ऐसे में चिकित्सकों को अधिक से अधिक समय ओपीडी को देने के निर्देश दिए हैं।

वहीं कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ओपीडी बढ़ी है। निजी चिकित्सकों की हड़ताल को देखते हुए चिकित्सक-कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगाई गई है।

क्रमिक अनशन शुरू

क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के खिलाफ एक सप्ताह से हड़ताल कर रहे निजी चिकित्सकों ने शुक्रवार से ऋषिकेश में क्रमिक अनशन और धरना प्रारंभ कर दिया। आईएमए शाखा ऋषिकेश और इंडियन डेंटल एसोसिएशन से जुड़े तमाम निजी चिकित्सक उक्त एक्ट के खिलाफ 15 फरवरी से हड़ताल कर रहे हैं। यहां के सभी निजी हॉस्पिटल, क्लीनिक और पैथोलॉजी सेंटर एक सप्ताह से बंद है।

हड़ताली चिकित्सकों ने शुक्रवार को त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ के समीप क्रमिक अनशन और धरना प्रारंभ कर दिया। आएमए के अध्यक्ष डॉ हरिओम प्रसाद और आई डी ए के सचिव डॉ गगन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की हठधर्मिता से लोगों का उपचार महंगा हो जाएगा। यहां की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप एक्ट में संशोधन होना चाहिए। वहीं, निजी चिकित्सकों के इस आंदोलन को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ता एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला के नेतृत्व में धरने में शामिल हुए।धरना देने वालों में डॉ यूएस खरोरला, डॉ राजेंद्र गर्ग, डॉ हरीश द्विवेदी, डॉ एन बी श्रीवास्तव, डॉ पी सिंह, डॉ बीके पुरी, डॉ डीपी रतूड़ी, डॉ विनीता पुरी, डॉ वंदना राजपूत, डॉ रितु प्रसाद, डॉ गीतिका द्विवेदी आदि शामिल है।

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