उत्‍तराखंड में पांच साल में 51 फीसद ब्लैक स्पॉट ही हो पाए दुरुस्त

15

प्रदेश में पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चिह्नित किए गए 1929 दुर्घटना संभावित स्थल और 139 ब्लैक स्पॉट अभी तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। स्थिति यह है कि तकरीबन पांच वर्ष पूर्व चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट में से अभी तक केवल 51 फीसद ही ठीक किए जा चुके हैं। वहीं दुर्घटना संभावित स्थलों में से भी 50 प्रतिशत पर ही काम हुआ है।

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित सड़क सुरक्षा समिति ने ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। ब्लैक स्पॉट वह स्थान होते हैं, जहां एक से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और इनमें पांच से अधिक लोगों की मौत हुई हो। इसके अलावा जहां दुर्घटना हुई हैं अथवा जहां दुर्घटना होने की आशंका रहती है, उन्हें दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में चिह्नित किया जाता है।

यह भी पढ़े :  सहयोग से समाधान : अर्बन बॉय सुपर स्टोर ने कोरोना काल में जीता ग्राहकों का विश्वास

राज्य स्तर पर गठित सड़क सुरक्षा समिति ने ऐसे ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। इनके अनुपालन की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कुल चिह्नित ब्लैक स्पॉट में से वर्ष 2017 में 17, वर्ष 2018 में 25, वर्ष 2019 में 24 और इस वर्ष सितंबर तक पांच ब्लैक स्पॉट ही ठीक हो पाए थे। जो 68 ब्लैक स्पॉट शेष रह गए हैं, उनमें से भी 43 ब्लैक स्पॉट एनएचएआई, 17 ब्लैक स्पॉट लोक निर्माण विभाग एनए विंग और आठ ब्लैक स्पॉट लोक निर्माण विभाग ने दुरुस्त करने हैं। वहीं दुर्घटना संभावित 1929 स्थलों में से अभी तक 976 ही ठीक हो पाए हैं। 953 पर अभी काम होना बाकी है।

इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सबसे अधिक 401 स्थल देहरादून, 140 टिहरी, 98 ऊधमसिंह नगर, 88 बागेश्वर और 55-55 स्थल पिथौरागढ़ व पौड़ी में ठीक होने शेष हैं। इनमें से अधिकांश स्थलों पर क्रेश बैरियर लगने हैं। सभी जिलों में तकरीबन 12299 किमी लंबाई पर क्रेश ब्रैरियर लगाए जाने हैं। इनमें से अभी तक केवल 3733.93 किमी पर ही क्रेश बैरियर लगे हैं और शेष पर अभी काम होना है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।