पौड़ी में नाबालिग से दुराचार के दोषी आजीवन कारावास

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पंकज रावत पौड़ी : जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने चार साल की नाबालिग के साथ दुराचार के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है । साथ ही बीस हजार का अर्थ दंड भी लगाया है । इस मामले में नाबालिग की मां ने कोतवाली कोटद्वार में तीन अक्तूबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी ।

जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी और पोक्सो के विशेष अधिवक्ता राकेश सामवेदी ने बताया कि नाई का काम करने वाले रियाजउद्दीन निवासी मुजफ्फनगर थाना बड़ापुर जिला बिजनौर ने 3 अक्तूबर 2017 को आंगनबाड़ी से घर लौटी नाबालिग को उस वक्त लालच देकर अपने पास बुलाया लिया जब उसकी मां काम से बाहर गई थी और बड़ा भाई स्कूल गया हुआ था ।

रियाजउद्दीन पास में ही किराए के कमरे पर रहता था । आरोपी ने चार साल की नाबालिग को बुलाया और अंदर से कमरा बंद कर दिया । नाबालिग रोज आंगनबाड़ी जाती थी । उस दिन करीब 10.30 बजे वह घर लौटी थी । मां जब घर लौटी तो नाबालिग घर पर नहीं थी । पड़ोस में भी खोजा गया, लेकिन वह नहीं मिली ।

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इसके बाद रियाजउद्दीन के कमरे से बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी । जिस पर बाहर से कमरा का दरवाजा जोर-जोर से खटखटाया । इसके बाद आरोपी ने कमरा खोला और भाग गया । बाद में स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले किया ।

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इस मामले में इसी दिन नाबालिग की मां ने कोटद्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई । पुलिस ने दुराचार और पोक्सो की विभिन्न धाराओं में मुकदामा दर्ज किया । जिला एवं सत्र न्यायधीश पौड़ी जीएस धर्मशक्तू ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी रियाजउद्दीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाने सहित 20 हजार का जुर्माना भी लगाया । साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी आदेश दिए कि वह पीड़िता को समुचित मुआवजा दे। अभियोजन की ओर से इस मामले में 9 गवाह प्रस्तुत किए गए ।

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