हरिद्वार: दो नाबालिग बहनों के घर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता की गोली लगने से मौत, छात्रवृत्ति घोटाले को उजागर करने में थी अहम भूमिका

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हरिद्वार जिले के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के सोपान नगर में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। दरअसल, तीन दोस्त रात के समय अकेले रहने वाली दो नाबालिग बहनों के घर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग बहन के असलहा देखने के दौरान अचानक गोली चल गई और युवक को लग गई। फिलहाल, एसएसपी समेत आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच जांच में जुटे हुए हैं। जिस श्ख्स की मौत हुई है उन्होंने छात्रवृत्ति घोटाले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही उनके कांग्रेस बड़े नेताओं से संबंध भी सामने आ रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक गोली लगने से घायल एक युवक को तड़के एक निजी अस्पताल में लाया गया था, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस पहले अस्पताल और फिर सुमन नगर स्थित एक घर पहुंची। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर निवासी पंकज, मनोज और कासिम सुमन नगर में अपने दो छोटे भाइयों के साथ रहने वाली नाबालिग बहनों के घर आए थे। बताया गया है कि दो युवकों ने शराब पी हुई थी।

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रात करीब तीन बजे पंकज को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया। एक नाबालिग बहन ने बताया कि वह पंकज के हाथ से असलहा लेकर देख रही थी, उसी दौरान गोली चली मगर यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है फिलहाल दोनों नाबालिग बहनों और पंकज के दोस्त कासिम और मनोज शक के दायरे में हैं। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।

छात्रवृत्ति घोटाले में पंकज ने निभाई थी अहम भूमिका 

बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाला उजागर करने में पंकज लांबा ने अहम भूमिका निभाई थी। सूचना के अधिकार में जानकारियां लेकर पंकज ने ही हरिद्वार में सबसे पहले छात्रवृत्ति घोटाले होने का दावा किया था। बाद में हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर होने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच कराई। सामाजिक कार्यकर्ता लांबा का करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ाव होने के कारण पुलिस इस मामले को अलग-अलग एंगल से जोड़कर देख रही है और जांच में जुट गई है।