पतंजलि फर्जी वेबसाइट : खुद को आचार्य बालकृष्ण का PA बता कर करता था ठगी, यूं खुला ठगों का कच्चा-चिट्ठा

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पतंजलि की फर्जी वेबसाइट बनाकर वितरक बनाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है।

टीम ने मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों- बीए के छात्र अनूप कुमार वर्मा जिला शेखपुरा (बिहार) और समीर शर्मा मूलरूप से त्रिपुरा, जहांगीरपुरी दिल्ली को गिरफ्तार किया है जबकि तीन आरोपी रोशन, विकास, बीरू निवासी शेखपुरा (बिहार) फरार हैं।

आरोपी देश के विभिन्न राज्यों के कई लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। 10 लाख गंवाने वाले एक पीड़ित की एफआईआर पर साइबर सेल इनके पीछे लगी थी।

सीओ दादरी निशांक शर्मा और साइबर सेल प्रभारी जहीर खान ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-18 निवासी सराफा व्यवसायी राजेंद्र कुमार वर्मा ने सेक्टर-20 थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसकी जांच बाद में साइबर सेल को स्थानांतरित कर दी गई थी।

राजेंद्र कुमार वर्मा का आरोप था कि उन्होंने पतंजलि डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए इंटरनेट पर सर्च किया तो पतंजलिडिस्ट्रीब्यूटर्स.आर्ग वेबसाइट मिली।

उन्होंने वेबसाइट पर अंकित मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को आचार्य बालकृष्ण का पीए बताते हुए बात की। उसने कहा कि रजिस्ट्रेशन फीस के 50 हजार रुपये और सिक्योरिटी मनी साढ़े चार लाख रुपये 24 घंटे में जमा होने चाहिए।

राजेंद्र कुमार वर्मा को गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद दो जिलों का वितरक बनना था। इसके चलते उन्होंने बताए गए बैंक खाते में एक लाख रुपये रजिस्ट्रेशन फीस और नौ लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के जमा करा दिए।

इसके बाद आरोपियों ने उनसे होलसेलर लाइसेंस के नाम पर छह लाख रुपये और मांगे। इस पर राजेेंद्र ने उनसे मिलने की बात कही तो आरोपियों ने इंकार कर दिया।
छह माह की मशक्कत के बाद दबोचे
राजेंद्र ने मामले की रिपोर्ट 10 नवंबर को दर्ज कराई थी। साइबर सेल के पास जांच आने के बाद सर्विलांस टीम की मदद ली गई। आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक खाते की पड़ताल की गई। छह माह की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने अनूप और समीर को गिरफ्तार किया है।

मास्टर माइंड पीए बनता, बीरू को बताता बालकृष्ण
बीए का छात्र अनूप गोरखधंधे का मास्टर माइंड है। समीर ने मार्च 2017 में फर्जी वेबसाइट बनाई थी। यह वेबसाइट समीर ने पत्नी पपिया शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड कराई थी। इसके लिए उसने अनूप से 38 हजार रुपये लिए थे।

इसके अलावा वेबसाइट मेंटेन करने के नाम अक्टूबर 2017 तक 25 हजार रुपये प्रतिमाह लिए थे। अनूप वितरक बनने के लिए कॉल करने वालों से बालकृष्ण का पीए बनकर बात करता था और बीरू खुद को आचार्य बालकृष्ण बताकर बात करता था।

रोशन व विकास ने फर्जी आईडी पर बैंक में खाते खुलवाये थे। सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि अभी इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह गिरोह पतंजलि के फर्जी उत्पात भी तो तैयार नहीं करता। वहीं, पतंजलि से जुड़ी एक मीडिया टीम भी मामले की जानकारी हासिल करने पहुंची है।

केरल व तमिलनाडु के लोगों को बनाया शिकार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2017 में केरल के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने उससे पतंजलि का वितरक बनाने के नाम 8 लाख रुपये, तमिलनाडु के एक व्यक्ति से मई में 12 लाख रुपये और अगस्त 2017 में चेन्नई के एक व्यक्ति से 14 लाख रुपये ठगे।

इसके अलावा अक्टूबर में नोएडा के एक व्यक्ति अनूप बंसल ने भी संपर्क किया था। हालांकि उसने अभी रुपये जमा नहीं कराए हैं। आरोपी रोशन व विकास तीस प्रतिशत कमीशन काटकर खाते से रुपया निकालकर अनूप को देते थे।

जमीन खरीदकर मकान बनवा रहा मास्टर माइंड
टीम ने यह भी जानकारी दी है कि मास्टर माइंड अनूप ने ठगी से कमाए गए धन से बिहार में भूमि खरीद ली थी और इस भूमि पर वह नया मकान बनवा रहा है। टीम आरोपी के बैंक खातों आदि की पड़ताल करने में जुट गई है। जिससे ठगी से कमाए गए धन को जब्त किया जा सके।

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