बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, वैन में 12 की जगह 20 बच्चे ठूंसे हुए मिले

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लगता है शहर के निजी स्कूल और कालेजों ने बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ की कसम खा ली है। गुरूवार को परिवहन विभाग ने स्कूल और कालेजों के वाहनों की चेकिंग की तो वाहन बगैर फिटनेस के दौड़ते मिले थे और चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं थे।

शुक्रवार को परिवहन विभाग ने शहरभर में दोबारा चेकिंग की तो स्कूल बसें, वैन व ऑटो बगैर टैक्स दिए व फिटनेस के दौड़ते मिले। यही नहीं, एक वैन तो ऐसी पकड़ी गई, जिसमें 12 की जगह पर 20 बच्चे ठूंसे हुए थे। चेकिंग में 14 वाहनों को सीज कर दिया गया, जबकि 40 के चालान किए गए। सीज वाहनों में नौ स्कूल बसें व स्कूल वैन शामिल हैं।

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स्कूली वाहनों की शिकायतों पर परिवहन आयुक्त द्वारा आरटीओ को अभियान चलाने का आदेश दिया गया था। आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने एआरटीओ अरविंद पांडे समेत परिवहन कर अधिकारियों की टीम को शहर में चेकिंग के लिए उतारा।

लगातार दो दिनों से चल रही कार्रवाई में शुक्रवार को राजपुर रोड, घंटाघर, जोगीवाला से लेकर नंदा की चौकी, चकराता रोड, जीएमएस रोड समेत आइएसबीटी व हरिद्वार बाइपास पर स्कूली बसों व वैन का चेकिंग अभियान चलाया। वसंत विहार, सहस्रधारा रोड, डालनवाला, कैंट, चकराता रोड, प्रेमनगर में अभियान में स्कूल बसें अपने रूटों के बजाए दूसरे रूटों पर दौड़ती मिलीं।

कुछ बसें परमिट के बिना समेत टैक्स चुकाए बिना और फिटनेस बगैर दौड़ रही थीं। दो बसों के चालकों के पास लाइसेंस ही नहीं था। ये बसें सीज की गईं। वैन में भी यही स्थिति थी। वैन और ऑटो में बच्चे ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे। एक वैन तो प्राइवेट चल रही थी। जिसे सीज किया गया। एआरटीओ ने बताया कि अभियान जारी रहेगा। चेकिंग अभियान में स्कूलों के वाहनों के अलावा अन्य वाहनों की जांच भी की गई।

तीन डग्गामार बसें सीज

हरिद्वार रोड पर जोगीवाला में चेकिंग के दौरान परिवहन टीम को तीन डग्गामार बसें भी मिलीं। ये एसी बसें दिल्ली से यात्रियों को लेकर देहरादून आइएसबीटी की तरफ आ रही थी। इन तीनों बसों को सीज किया गया व यात्रियों को दूसरे वाहनों से रवाना किया गया।

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