फटी-पुरानी फाइलें देखकर झल्लाई मनीषा पंवार

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सचिवालय में फाइलों की बदहाली और प्रेषित करने के तरीके को देखकर प्रमुख सचिव मनीषा पंवार की त्योरियां चढ़ गईं। उनके पास भेजी गई कई पत्रावलियां ऐसी थीं कि उनके कवर फटे हुए थे और उनमें फाइल संख्या तक नहीं पढ़ी जा रही थी। गुस्साई प्रमुख सचिव ने न सिर्फ तमाम अपर सचिवों से इस बात पर नाराजगी जताई बल्कि उन्हें एक सर्कुलर जारी कर व्यवस्था में सुधार के कड़े निर्देश दिए।

वीरवार को प्रमुख सचिव मनीषा पंवार जब अपने कक्ष में पत्रावलियां देखने लगीं तो एक के बाद एक तमाम फाइलें बदहाल स्थिति में पाई गईं। अधिकांश पत्रावलियों के कवर काफी पुराने और फटे हुए थे। उनमें न तो फाइल संख्या और न ही उनका शीर्षक दिखाई दे रहा था। इसके लिए उन्होंने अपने अधीनस्थ अपर सचिवों को बुलाकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अपर सचिवों को देखना चाहिए कि अनुभागों से किस स्थिति में फाइलें उच्चनुमोदन के लिए प्रेषित की जा रही हैं।

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दोपहर बाद उन्होंने अपर सचिवों को एक सर्कुलर भी जारी कर दिया। जिसमें कहा गया कि प्राय: देखने में आ रहा है कि उच्च अधिकारियों को जो पत्रावलियां प्रेषित की जा रही हैं उनमें से कई पत्रावलियों के कवर अत्यंत पुराने व फटे हुए हैं, जिस कारण उन पत्रावलियों पर विषय, संख्या आदि भी स्पष्ट दिखाई नहीं देते हैं।

साथ ही उच्चनुमोदन के लिए प्रस्तुत महत्वपूर्ण प्रकृति की पत्रावलियों पर मूवेंट चार्ट तथा ‘यल्लो स्लिप विद शार्ट सब्जेक्ट’ भी नहीं लगाई जाती हैं। इन वजहों से कई बार महवपूर्ण पत्रावलियों के निष्पादन में अनावश्यक रूप से विलम्ब होने की संभावना बनी रहती है। यह सभी तथ्य अधीनस्थ कार्मिकों द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही दर्शाते हैं। उन्होंने सकुर्लर के जरिए इस व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश भी दिए हैं।

पीएम के फाइल डिजिजाइजेशन मुहिम को धक्का

देहरादून। एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फाइलों के डिजिटाइजेशन के निर्देश राज्य सरकारों को दे चुके हैं। तमाम राज्यों में इस दिशा में गंभीरता से काम भी हो रहा है, पर उत्तराखण्ड में डिजिटाइजेशन तो दूर की बात फाइलों का रखरखाव तक सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।

क्या कार्मिक जानबूझकर करते हैं ऐसा

देहरादून। सवाल यह है कि फाइलों को बदहाल और फटी पुरानी स्थिति में क्यों रखा जाता है। यह भी कहा जाता है कि अफसरों की आख्या सही तरीके से न पढ़ी जा सके और उन्हें लेकर असमंजस बना रहे इसलिए फाइलों को जानबूझकर बदहाल किया जाता है। ऐसा करके अस्पष्ट आख्या का कुछ और ही मतलब निकाला जा सकता है।

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