कब्जे में ली गई आठ हथिनियां हाई कोर्ट के आदेश के बाद जल्द छोड़ी जा सकती हैं

113

हाई कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग द्वारा कब्जे में लिए गए आठ हथिनियों को अब छोड़ा जा सकता है। इसके लिए प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव देहरादून की ओर से डीएफओ को पत्र भेजा गया है। अब विभाग हथनियों के स्वास्थ्य परीक्षण व अन्य दस्तावेज जांचने के बाद ही कोई निर्णय लेगा।

पिछले साल हाई कोर्ट के आदेश के बाद रामनगर वन प्रभाग ने बीते साल 10 अगस्त को रिसॉर्ट एवं प्राइवेट लोगों के आठ हथिनियों को कब्जे में लिया था। वे लोग इन पालतू हथिनियों से पर्यटकों को कॉर्बेट पार्क का भ्रमण कराते थे। वन विभाग ने हथिनियों को आमडंडा में अपनी सुरक्षा में रखा हुआ है। उनके लिए टिनशेड बनाने के अलावा देखरेख करने को महावत रखे गए हैं। वन विभाग के मुताबिक इन हथिनियों की देखरेख में अब तक करीब 40 से 50 लाख रुपये का खर्चा आ चुका है। बताया जाता है कि इसी साल 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से एक हथिनी को छोडऩे के लिए स्टे मिला था।

उस आदेश के क्रम में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव मोनिष मल्लिक ने डीएफओ को पत्र भेजा है। जिसमेें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कब्जे में लिए गए हथिनियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में दिए गए प्रावधान के अनुसार करने के उपरांत ही उनके मालिकों को सौंपने की कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

यह भी पढ़िए :  भाजपा ने बनाई रणनीति चुनाव के लिए

आदेश को देखकर कानूनी सलाह लेंगे

बीपी सिंह, डीएफओ रामनगर वन प्रभाग ने बताया कि प्रमुख वन संरक्षक की ओर से पत्र मिला है। हथिनियों को छोडऩे से पहले परीक्षण के लिए कहा गया है। इसी पत्र के क्रम में दूसरा आदेश भी किया गया है जो उन्हें अभी मिला नहीं है। उस आदेश को देखकर कानूनी सलाह लेंगे। इसके बाद जो सलाह मिलेगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिंदुखत्ता में कल लगेगा निश्शुल्क मल्टी सुपर स्पेशलिस्ट हेल्थ कैंप

बिंदुखत्ता के जड़ सेक्टर काररोड स्थित जनता इंटर कॉलेज में सेंचुरी पेपर मिल व दैनिक जागरण के संयुक्त तत्वावधान में लगने वाले निश्शुल्क मल्टी स्पेशलिस्ट हेल्थ कैंप की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसमें 25 स्पेशलिस्ट चिकित्सक रोगियों का निश्शुल्क उपचार करने के साथ दवाएं भी देंगे। कैंप तीन मार्च को सुबह 10:30 से 02:30 बजे तक लगेगा। शिविर में नसों के सुन्न होने की जांच, खून की जांच, ईसीजी, फेफड़ों की जांच, मेमोग्राीफी (स्तन की गांठ की जांच), बीएमआइ (मोटापे की जांच) भी की जाएगी। साथ ही निश्शुल्क दवाएं भी वितरित की जाएंगी।

इलाज के लिए बनेंगे 29 काउंटर

सेंचुरी पेपर मिल के सीईओ जेपी नारायण व दैनिक जागरण के महाप्रबंधक राघवेंद्र चड्ढा के निर्देश पर शुक्रवार को शिविर की तैयारियों को लेकर मिल व जागरण प्रबंधन ने बैठक की। इसमें तय किया गया कि चिकित्सकों के लिए 25 काउंटर, एक सहायता केंद्र, रजिस्ट्रेशन केंद्र, जांच केंद्र व दवा वितरण केंद्र बनाए जाएंगे। बैठक में मिल के एचआर हेड आलोक श्रीवास्तव, डिप्टी जीएम पर्सनल एसके वाजपेई, मुख्य चिकित्साधिकारी सेंचुरी पेपर मिल सुनील मधवार, नरेश चंद्रा, जनसंपर्क अधिकारी जगमोहन उप्रेती, पीएस धौनी, हेमेंद्र राठौर, सुभाष शर्मा, बीएस वर्मा व दैनिक जागरण प्रतिनिधि प्रकाश जोशी मौजूद थे।

मरीजों को मिलेगी बस की भी सुविधा

बैठक में तय किया गया कि रोगियों को लाने व घर पहुंचाने के लिए दो स्थानों पर बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। ये बसें हल्दूचौड़ स्टेट बैंक के सामने और वीआइपी गेट पर दो किमी घोड़ानाला मार्ग पर सुबह नौ बजे मिलेंगी और 10 बजे मरीजों को शिविर पहुंचाएगी। सभी मरीजों के उपचार के बाद मरीजों को वापस बस से छोड़ा भी जाएगा।

यह भी पढ़िए 63 लाख जब्त, फिर भी सुस्त बना आयकर विभाग