सिडकुल घोटाले के दस्तावेज 22 दिन बाद भी नहीं मिले

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सिडकुल में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में महकमे के अफसर टाल-मटोल कर दस्तावेज देने से बच रहे हैं। इस मामले में एसआइटी ने सोमवार को बैठक कर कानूनी दखल से दस्तावेज मांगने की तैयारी कर ली है। अभी तक जो दस्तावेज एसआइटी को मिले हैं, वह जांच के लिए पर्याप्त नहीं हैं। यही कारण है कि जांच अभी तक गति नहीं पकड़ पाई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 30 जनवरी को सिडकुल में हुए करोड़ों रुपये के घोटालों की जांच एसआइटी से कराने के आदेश दिए थे। पुलिस मुख्यालय ने गढ़वाल रेंज के आइजी अजय रौतेला के नेतृत्व वाली एसआइटी को जांच सौंपी।

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एसआइटी ने सिडकुल से घोटाले से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट और अन्य जानकारी मांगी थी। इस पर सिडकुल ने कुछ दस्तावेज तो दिए हैं, लेकिन अभी ऑडिट रिपोर्ट, नियुक्ति, भूमि आवंटन, ठेके आवंटन आदि की महत्वपूर्ण जानकारी देने में आनाकानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री के आदेश को 20 दिन से ज्यादा समय होने के बाद भी एसआइटी को जांच से जुड़ी पत्रावली नहीं मिली है। हद तो यह है कि जब एसआइटी के सदस्य सहस्रधारा स्थित सिडकुल दफ्तर और रुद्रपुर दफ्तर जा रहे हैं, तो संबंधित अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। ऐसे में एसआइटी की जांच फिलहाल गति नहीं पकड़ पा रही है।

एसआइटी प्रभारी अजय रौतेला का कहना है कि अधिकारी जानकारी देने में टाल-मटोल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को एसआइटी बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगी। आइजी ने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर कानूनी रूप से प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और जानकारी मांगी जाएगी।

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