पुलवामा हमले में शहीद मोहन लाल रतूड़ी को राष्ट्रपति पुलिस पदक, पत्नी बोलीं- CRPF ने किया मार्गदर्शन और दी आर्थिक मदद

47

पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के एएसआइ मोहन लाल रतूड़ी को वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से अलंकृत किया गया है। इससे उनका परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। शहीद की पत्नी ने कहा कि सीआरपीएफ न केवल उनका मार्गदर्शन, बल्कि आर्थिक रूप से भी मदद कर रही है।

शहीद मोहनलाल 1988 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में पत्नी सरिता, तीन बेटियां और दो बेटे हैं। उनकी शहादत की खबर आई तो परिवार बुरी तरह टूट गया था। लगा कि जैसे सब खत्म हो गया, जो भी कोई उनसे मिलने आता बस दिलासा देता। पर वक्त बदला और परिवार दृढ़ता के साथ आगे बढ़ा।

यह भी पढ़ें :   Uttarakhand Weather Update: गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड में मौसम साफ, मैदानी क्षेत्रों में कोहरा बढ़ा सकता है परेशानी

शहीद की पत्नी का कहना है कि सरकार व समाज ने उन्हें पूरा सम्मान व सहयोग दिया है। यह आमजन का प्यार ही है, जिसने उनके परिवार को उस असहनीय पीड़ा से उबरने में मदद की। सीआरपीएफ न केवल उनका मार्गदर्शन, बल्कि आर्थिक रूप से भी मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि बड़े बेटे शंकर को राज्य सरकार की तरफ से नौकरी मिल गई है। वह उत्तरकाशी कलक्ट्रेट में लिपिकीय संवर्ग में तैनात हैं।

बेटी वैष्णवी डीएवी पीजी कॉलेज से बीएड, जबकि दूसरी बेटी गंगा बीएससी की छात्रा है। छोटा बेटा श्रीराम कक्षा 11 का छात्र है। शहीद की सबसे बड़ी बेटी अनुसूया की शादी हो चुकी है। शहीद के दामाद सरवेश कुमार नौटियाल का कहना है कि सरकार व समाज ने उन्हें सम्मान के साथ हर कदम पर सहयोग भी दिया है। बस यही आशा है कि यह सम्मान आगे भी यूं ही बना रहे। इससे परिवार को हौसला मिलता है।

यह भी पढ़ें :   Republic Day 2021 Uttarakhand: नए रूप से सजे परेड ग्राउंड में होगी गणतंत्र दिवस परेड, एक हजार लोग ही ले पाएंगे हिस्सा