सहयोग से समाधान : अर्बन बॉय सुपर स्टोर ने कोरोना काल में जीता ग्राहकों का विश्वास

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व्यापार की सफलता के लिए जरूरी है कि ग्राहक आपके कितने करीब हैं। वही कारोबारी बुलंदी छूता है जो ग्राहकों के मन की भाषा पढ़े और फिर उनके मानसिक व सामाजिक सरोकार से जुड़कर व्यापार करे। यही सूत्र कठिन परिस्थितियों में ग्राहकों का समर्थन जुटाने में मददगार होता है। अर्बन बॉय सुपर स्टोर के प्रमुख अनुगॅूज अग्रवाल मानते हैं कि कोरोना संक्रमण के संकट काल में ग्राहकों का विश्वास, उनकी ईमानदारी, मानवीय संवेदनाओं को उन्होंने पहले समझा। फिर उनकी मदद से उनका कारोबार लॉकडाउन जैसे कठिन दौर से बाहर निकला। अग्रवाल फर्म के बेहतरीन कार्यों को देखते हुए गुरुराम राय एजूकेशन मिशन ने अपनी वार्षिक पत्रिका रत्नांक के मार्च 2013 के विशेषांक में विशेष स्थान दिया। साथ ही अनुगॅूज अग्रवाल के दादा स्वर्गीय लक्ष्मी चंद अग्रवाल को दरबार साहिब के महंत देवेंद्र दास महाराज ने दरबार साहिब बुलाकर अपनी आर्शीवाद दिया।

96 साल का सार्थक और सफल सफर 

अनुगॅूज अग्रवाल बताते हैं कि उनके परदादा टेकचंद पूरनचंद ने वर्ष 1924 में दरबार साहिब के सामने झंडाजी बाजार में एक दुकान से अपने व्यापार की शुरूआत की थी। पिछले करीब 96 वर्षों से उनकी फर्म ने दून के ग्राहकों के बीच न केवल विश्वास बनाए रखा वरन, अपनी श्रेष्ठता भी साबित की। यह ग्राहकों का विश्वास और उनके फर्म के बीच प्रगाढ़ रिश्तों का उत्कृष्ट उदाहरण है कि लॉकडाउन से उभरते हुए अर्बन बॉय का चौथा अत्याधुनिक सुपर स्टोर कैनाल रोड में इसी हफ्ते प्रारंभ हुआ है। इसके पहले झंडा बाजार, रिस्पना पुल व रेसकोर्स में तीन सुपर स्टोर लंबे समय से ग्राहकों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

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समाधान 1: लॉकडाउन में रखा ग्राहकों का ध्यान

अर्बन बॉय सुपर स्टोर के प्रमुख अनुगॅूज अग्रवाल बताते हैं कि 22 मार्च को लॉकडाउन घोषित हुआ था, उसके बाद ग्राहकों को उनके सुपर स्टोर के बाहर कतार में खड़ा होते देख उन्हें बेहद कष्ट हुआ। उन्होंने ग्राहकों की सुविधा के लिए कुर्सियां, गर्मी से बचने के लिए टेंट व साफ पीने के पानी की व्यवस्था की। बाहर पक्के रंग से शारीरिक दूरी मानक के पालन के लिए गोले बनाए। फिर आसानी से उन्हें सामान उपलब्ध करवाया।

समाधान 2: नहीं बढ़ाया किसी भी सामान का रेट

अर्बन बॉय सुपर स्टोर के प्रमुख अनुगॅूज अग्रवाल बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने किसी भी सामान के रेट नहीं बढ़ाए। जबकि मार्केट में लॉकडाउन व अनलॉक में कई खाद्य वस्तुओं के दामों में बढ़ोत्तरी हुई। ग्राहकों को ऑन डिमांड सभी ग्रोशरी का सामान खुद मैंने घर-घर पहुंचाया। ग्राहकों की ओर से उन्हें ऑनलाइन सामान की लिस्ट भेजी जाती थी। उसी दिन सामान घर छोड़ने की व्यवस्था की गई।

समाधान 3: एक भी कर्मचारी नहीं हटाया गया

कोरोना संक्रमण में देशभर में लाखों नागरिकों की नौकरी चली गई, लेकिन अर्बन बॉय सुपर स्टोर में काम करने वाले एक भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया गया, बल्कि लॉकडाउन के दौरान मार्च में ही कर्मचारियों को एडवांस सैलरी दे दी गई। ताकि उनके परिवारों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

समाधान 4: लॉकडाउन में की गरीबों की मदद

अर्बन बॉय सुपर स्टोर के प्रमुख अनुगॅूज अग्रवाल बताते हैं कि लॉकडाउन में ग्राहकों को घर-घर सामान पहुंचाने के अलावा उन्होंने शहर में गरीबों को खाने की व्यवस्था की। लावारिश पशुओं के लिए चारा उपलब्ध करवाया। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को निश्‍शुल्क राशन किट भेंट की गई।

(अर्बन बॉय सुपर स्टोर के प्रमुख अनुगॅूज अग्रवाल)

समाधान 4: कारोबार में ग्राहक सबसे बड़ी पूंजी

अर्बन बॉय सुपर स्टोर के प्रमुख अनुगॅूज अग्रवाल का मानना है कि कोई भी कारोबार ग्राहकों के विश्वास, ईमानदारी व बेहतर सर्विस के दम पर आगे बढ़ता है। कारोबार में ग्राहक सबसे बड़ी पूंजी है।