सफाईकर्मियों ने वेतन नहीं मिलने पर ठेकेदार को बनाया बंधक

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ऋषिकेश में मेयर के आश्वासन के बावजूद वेतन न मिलने पर नगर निगम के सफाईकर्मियों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। सफाईकर्मियों ने एकत्र होकर नगर निगम पहुंचे। इस दौरान कर्मियों ने निगम में ही ठेकेदार रवि कुमार को कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा। आखिरकार 15 दिन में पूर्ण भुगतान का आश्वासन देकर उन्हें एक बार फिर टरका दिया गया। इस दौरान सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र वेतन जारी नहीं किया गया तो नगर निगम में तालाबंदी कर दी जाएगी।

मंगलवार को निगम के सफाई कर्मी तीन माह से वेतन न दिए जाने से आक्रोशित होकर रविंद्र बिड़ला के नेतृत्व में निगम आ धमके। यहां उन्होंने ठेकेदार रवि कुमार को देर शाम तक बंधक बनाए रखा। सफाईकर्मियों का कहना है कि तीन माह से नियमित कार्य करने के बाद भी उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन न मिल पाने से बच्चों के दाखिले स्कूलों में नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा जीवनयापन करना कठिन हो गया है। रुपये उधार लेकर किसी तरह वह बच्चों का पेट भर पा रहे हैं।

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गुस्साए सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान निगम प्रशासन की जमकर कलई भी खोली। उनका कहना है कि निगम की ओर से सफाई कार्य के लिए दस्ताने और मास्क तक नहीं मुहैया कराए जाते हैं। सफाईकर्मियों को जो संसाधन दिए जाने चाहिए वह भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। ऊपर से वेतन भुगतान भी नहीं करवाया जा रहा है। सफाईकर्मियों ने सवाल उठाया है कि दस्ताने, मास्क सहित जो संसाधन सफाईकर्मियों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, उसका पैसा कहां जा रहा है?

ठेकेदार बोला, निगम पेमेंट नहीं दे रहा

ठेकेदार रवि कुमार ने कहा कि निगम की ओर से मई माह का भुगतान हो चुका है। वह उक्त राशि सफाईकर्मियों को बांटने को तैयार हैं। जून माह का बिल उन्होंने नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान को एक जुलाई को दिया था। उस दौरान एमएनए ने तीन दिन बाद भुगतान होने की बात कही थी। इसी के आधार पर ठेकेदार ने सफाईकर्मियों को नौ जुलाई को पेमेंट वितरित कर देने का आश्वासन दे दिया था। फिलहाल अब तक निगम की ओर से बकाया बिल का भुगतान नहीं किया गया है।

बिल विलंब से मिला, जल्द होगा भुगतान

नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने कहा कि ठेकेदार रवि कुमार की ओर से निगम को जून माह का बिल देर से दिया गया। इस कारण भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि कुछ कर्मियों का जून माह का वेतन रुका हुआ है। इससे पहले के सभी भुगतान किए जा चुके हैं। फिलहाल जून माह के वेतन संबंधी पत्रावली तैयार कर ली गई है। जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।

आंकड़े में उलझे निगम और ठेकेदार

नगर निगम में कितने सफाई कर्मी तैनात हैं, इसकी सही जानकारी न ही ठेकेदार को है और न ही मुख्य नगर आयुक्त को। इसका पता मंगलवार को उस दौरान लगा जब ठेकेदार से पूछा गया कि कितने कर्मचारी हैं तो उनका जवाब था करीब 150। जबकि एमएनए ये आंकड़ा करीब 200 का बता रहे हैं। ठेकेदार के मुताबिक सफाई कर्मियों का प्रत्येक माह करीब 16 लाख रुपये वेतन मद में भुगतान होता है। अंदरखाने ये भी चर्चा है कि सफाईकर्मियों की तैनाती में भी घपला है। कार्यरत सफाई कर्मचारियों और दस्तावेजों में दर्ज संख्या में काफी अंतर है।

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