हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार, उत्तराखंड में इंतजार, सियासी हलकों में अटकलें तेज

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उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं ही होती रहीं और पड़ोसी राज्य हिमाचल की भाजपा शासित सरकार में बृहस्पतिवार को विस्तार भी हो गया। मजेदार बात ये है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तक ने मंत्रिमंडल की विस्तार की संभावना से इंकार नहीं किया है। लेकिन मंत्री बनने की राह देख रहे पार्टी के वरिष्ठ विधायकों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

57 विधायकों वाली भाजपा में चार पूर्व कैबिनेट मंत्री हैं, जो त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में जगह मिलने की आस लगाए बैठे हैं। हर बार मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना का गुबार उठता है और कुछ समय के बाद बैठ जाता है। उधर, पड़ोसी राज्य हिमाचल में अलग अलग कारणों से जयराम ठाकुर के मंत्रिमंडल से तीन मंत्रियों के पद खाली हुए थे।

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जिन्हें बृहस्पतिवार भर दिया गया। उत्तराखंड में मंत्रिमंडल के गठन के दिन से ही ही मंत्री के दो पद खाली हैं और पूर्व वित्त मंत्री प्रकाश पंत के देहवसान के बाद एक पद और खाली हो गया।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री और उनके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की तो मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चाएं गरमा उठी। ये चर्चाएं अब तक नहीं थमी हैं। पार्टी के भीतर और बाहर लोग मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं जता रहे हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से जब इस संबंध में पूछा जाता है तो वह अकसर यह कहकर टाल जाते हैं कि जब विस्तार होगा तो सबको पता चल जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कहते हैं, मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। मेरी व्यक्तिगत राय यही है कि विस्तार हो जाना चाहिए। भगत आश्वस्त हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार की घड़ी जल्द आ जाएगी।

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