बिहार चुनाव: गया शहर से लगातार जीतते रहे मंत्री प्रेम कुमार, यहां BJP का विजय रथ रोकना बड़ी चुनौती

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 गया शहरी विधानसभा सीट पर तीन दशकों से भाजपा का कब्जा है। एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी के रूप में मंत्री डॉ. प्रेम कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अखौरी ऑकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव से दिखता है। वैसे शहरी क्षेत्र में 27 उम्मीदवार मैदान में है, जो अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे है। 2015 के चुनाव में प्रेम कुमार ने कांग्रेस के प्रेमरंजन डिंपल को हराया था। यहां जातीय गोलबंदी भी दिख रही है। तो कहीं-कहीं नाराजगी भी उभरकर सामने आ रही है। इस बीच भाजपा के समर्थक अपने विधायक के 30 वर्षों के कार्यकाल को गिना रहे है। शहर में जाम एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। इस विधानसभा क्षेत्र की आबादी बढ़ती जा रही है और सड़कें सिकुड़ रही हैं। कहीं एक भी फ्लाईओवर नहीं है।

लगातार सात बार से विधायक बन रहे हैं डॉ. प्रेम कुमार

मोक्ष की इस नगरी का राजनीति में अहम योगदान माना जाता है। इस सीट से भाजपा के डॉ. प्रेम कुमार 1990 के चुनाव से विधायक बनते आ रहे हैं। गया शहरी सीट पर पहला चुनाव 1952 में हुआ था। तब कांग्रेस के केशव प्रसाद विधायक चुने गए थे। अगले चुनाव में 1957 में लतीफुर्रहमान, 1962 में श्यामचरण भरथुआर निर्वाचित हुए। इसके बाद 1967 और 1969 में जनसंघ के गोपाल मिश्रा को यहां से जीत मिली। फिर 1972 में कांग्रेस ने अपनी सीट वापस पाई। इसके डॉ. युगल किशोर प्रसाद जीते। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी से सुशील सहाय निर्वाचित घोषित किए गए। 1980 और 85 के चुनाव में कांग्रेस के जय कुमार पालित यहां के विधायक रहे। इसके बाद 1990 से लगातार प्रेम कुमार  भाजपा प्रत्याशी के रूप में विजयी होते रहे हैं।

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क्षेत्र का आंकड़ा एक नजर में-

जनसंख्या 5 लाख 44 हजार 860

कुल वोटर 2 लाख 65 हजार 533

138289 पुरुष वोटर

127229 महिला वोटर