पशु चरा रहे ग्रामीण पर भालू ने किया हमला, गंभीर रूप से घायल

239

चकराता क्षेत्र में हनोल के पास जंगल में पशु चरा रहे ग्रामीण पर भालू ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीण को उपचार के लिए वनकर्मियों ने त्यूणी अस्पताल में भर्ती कराया है।

हनोल निवासी पशुपालक राम सिंह सुबह पशुओं को चराने के लिए महासू मंदिर से सटे सिविल सोयम के जंगल में ले गए थे। वहां पहले से घात लगाकर बैठे भालू ने ग्रामीण पर हमला बोल दिया। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग तुंरत घटनास्थल की तरफ दौड़े और भालू को पत्थर मारकर भगाया।

यह भी पढ़े :  गौचर औद्योगिक विकास मेला आज से होगा शुरू

इस दौरान भालू ने ग्रामीण के शरीर पर कई जगह नाखून मारे। ग्राम प्रधान हरीशचंद्र राजगुरु ने मंदिर के पास आबादी के नजदीक भालू के होने की सूचना तुंरत डीएफओ चकराता व एसीएफ त्यूणी को दी। मामले की गंभीरता देख डीएफओ दीपचंद आर्य व एसीएफ सुबोध काला टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। रेंज अधिकारी मोल्टा दिनेशचंद्र नौटियाल ने बताया कि टीम ने भालू के हमले में घायल राम सिंह को उपचार के लिए राजकीय अस्पताल त्यूणी में भर्ती कराया है।

भालू से सुरक्षा देने की मांग 

ग्रामप्रधान हरीश चंद्र राजगुरु ने भालू के हमलों को देखते वन विभाग से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने  की मांग की है। बताया कि गांव व मंदिर के नजदीक भालू की सक्रियता से लोग सहमे हुए है। गांव के नजदीक जिस जगह भालू देखा गया वहां से महासू मंदिर व बंगाण क्षेत्र के ठडियार स्थित पवासी महासू मंदिर को जोड़ने वाला हनोल-ठडियार संपर्क मार्ग है।

उन्होंने बताया कि इस रास्ते से प्रतिदिन स्कूली बच्चों और अन्य लोगों का आना-जाना रहता है। भालू की सक्रियता से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। वहीं मामले में रेंजर का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज वन दारोगा दिनेश पंवार व सुभाचंद बेदी की अगुआई में दो टीमें आबादी के नजदीक गश्त बढ़ाने को तैनात की गई हैं। वन विभाग की टीम पटाखे जलाकर व हवाई फायर के जरिये भालू को आबादी से दूर जंगल में भगाने का प्रयास कर रही है। लोगों से अपील है कि अकेले इधर-उधर नहीं जाएं। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।

यह भी पढ़े :   हल्‍द्वानी-बरेली रोड पर कार ने टेम्पो को मारी टक्‍कर, हादसे में सात लोग घायल