Baroda By-Elections 2020: भाजपा प्रत्याशी योगेश्वर दत्त के समर्थन में सीएम मनोहरलाल भी उतरेंगे मैदान में

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बरोदा विधानसभा के उपचुनाव में मतदान का 3 नवंबर का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे बरोदा व गोहाना में नेताओं का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। तीन दिन 29 से 31 अक्टूबर तक पूरी सरकार और विपक्ष गोहाना व बरोदा में रहेगा। सत्तापक्ष से मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला समेत कई मंत्री और विधायक बरोदा में रह कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक किले बरोदा हलका की घेराबंदी करेंगे और कमल खिलाने के लिए जोर लगाएंगे। सरकार के नेता किन-किन गांवों में जाएंगे इसको लेकर मुख्यमंत्री की सोमवार को दिल्ली में बैठक के बाद रूपरेखा जारी हो सकती है।

बरोदा हलका पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का मजबूत राजनीतिक किला माना जाता है। कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। 3 नवंबर को मतदान और 10 नवंबर को मतगणना होगी। आज तक इस हलके में भाजपा का कभी जीत नसीब नहीं हुई है। उपचुनाव में भाजपा-जजपा गठबंधन पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के किले में सेंधमारी करने की कोशिश कर रहा है। गठबंधन के बड़े व छोटे नेता गोहाना में रह कर बरोदा को फतह की रणनीति बना रहे हैं। जल्द ही बरोदा का चुनावी माहौल बदलने जा रहा है।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला 29 अक्टूबर से बरोदा के मैदान में उतरने वाले हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री 31 अक्टूबर तक बरोदा में रह कर पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा को घेरेंगे। गठबंधन की तरफ से 29 को अकेले मुख्यमंत्री बरोदा के गांवों के दौरे करेंगे। 30 और 31 को मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री बरोदा में रहेंगे। इसके साथ ही गठबंधन सरकार के मंत्री, विधायक और दोनों संगठनों के बड़े-छोटे पदाधिकारी भी बरोदा के चुनावी रण में रहेंगे। एक नवंबर की शाम को चुनाव प्रचार बंद जाएगा, ऐन उससे पहले भाजपा-जजपा गठबंधन नेता अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा लगातार बरोदा में रह कर अपने किले को और मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला 29 अक्टूबर से बरोदा के मैदान में उतरने वाले हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री 31 अक्टूबर तक बरोदा में रह कर पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा को घेरेंगे। गठबंधन की तरफ से 29 को अकेले मुख्यमंत्री बरोदा के गांवों के दौरे करेंगे। 30 और 31 को मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री बरोदा में रहेंगे। इसके साथ ही गठबंधन सरकार के मंत्री, विधायक और दोनों संगठनों के बड़े-छोटे पदाधिकारी भी बरोदा के चुनावी रण में रहेंगे। एक नवंबर की शाम को चुनाव प्रचार बंद जाएगा, ऐन उससे पहले भाजपा-जजपा गठबंधन नेता अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा लगातार बरोदा में रह कर अपने किले को और मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सैलजा भी मैदान में आ चुकी हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणजीत सुरजेवाला और कांग्रेस की पूर्व विधायक दल की नेता किरण चौधरी की अब तक बरोदा के रण में एंट्री नहीं हुई है। इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी बरोदा में घूम कर कार्यकर्ताओं में जान फूंक रहे हैं। इनेलो के प्रधान महासचिव एवं विधायक अभय सिंह चौटाला भी बरोदा में लंबे समय से डेरा जमाए हैं और अपने पुराने गढ़ को मजबूत बनाने में जुटे हैं। लोसुपा सुप्रीमो राजकुमार सैनी भी बरोदा से स्वयं ही ताल ठोक रहे हैं।

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