दुल्हन की मेंहदी उतरने से पहले उजड़ी मांग, फौजी पति की हत्या

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भीमताल, नैनीताल : धारी तहसील के मज्यूली, पहाड़पानी में दिल दहलाने वाली वारदात घटी। 10 दिन पहले ही दांपत्य सूत्र में बंधे फौजी की गांव के ही युवक ने हत्या कर दी। गांव में विवाह समारोह से पहले महिला संगीत के बाद आयोजित रात की पार्टी में फौजी और युवक के बीच विवाद हुआ था।

राजस्व पुलिस ने फौजी के पिता की तहरीर पर आरोपित युवक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं हल्द्वानी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

मज्यूली गांव में निवासी जगत सिंह नगरकोटी (26) पुत्र खीम सिंह नगरकोटी पांच कुमाऊं रेजीमेंट में सिपाही था। वर्तमान में वह 13 आरआर में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तैनात था। बीती 27 अप्रैल को जगत सिंह का विवाह डोल, शहरफाटक निवासी त्रिलोक सिंह की पुत्री दीपा से हुई थी।

सोमवार को मज्यूली गांव के तोक जोनपोखरा निवासी रेवाधर मेलकानी के बेटे महेश मेलकानी का महिला संगीत का कार्यक्रम था। इसके बाद रात में आयोजित पार्टी में जगत भी गया था। पार्टी में डांस करने के दौरान जगत सिंह का गांव के गोपाल सिंह रावत से झगड़ा हो गया।

नशे में धुत गोपाल सिंह ने जगत सिंह को जमीन पर पटका और गुप्तांग पर पूरी ताकत से लात मार दी। इससे जगत मौके पर ही बेहोश हो गया। ग्रामीण जगत को पदमपुरी अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

तहसीलदार नवाजिश खलीक, पट्टी चौभैसी के पटवारी प्रेम प्रकाश गोस्वामी व हेम चंद्र जोशी ने घटनास्थल का मुआयना कर शव कब्जे में लिया। शव का हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराया गया है।

मृतक के पिता खीम सिंह ने गोपाल सिंह के विरुद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। तहसीलदार नवाजिश खलीक ने बताया कि दी गई तहरीर में पुरानी रंजिश का जिक्र नहीं है। आरोपित की तलाश में राजस्व विभाग की टीमें दबिश दे रही हैं।

मेहंदी उतरने से पहले उजड़ी मांग
फौजी जगत और दीपा का सात जन्मों साथ निभाने का सफर 10 दिन में ही टूट गया। बीती रात घटना में जगत की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची तो परिवार में दु:खों का पहाड़ टूट गया। कुछ दिन पहले जिस घर से मंगलगीत गूंज रहे थे, वहां मची चीख-पुकार ने पूरे गांव का माहौल गमगीन कर दिया। दीपा के हाथ की मेहंदी उतरने से पहले ही मांग उजड़ने की चर्चा पूरे इलाके में थी और लोग हत्यारोपित गोपाल को कोस रहे थे।

पारिवारिक लोगों के मुताबिक सोमवार की रात जगत ने करीब साढ़े सात बजे घरवालों से पार्टी के घर जाने की बात कही। इस पर दीपा ने जगत को जाने से रोका भी था। दीपा ने रात अधिक होने की बात कहकर सो जाने के लिए कहा था, लेकिन जगत नहीं रुका। वहीं गोपाल पहले से ही पार्टी में मौजूद था। पार्टी में करीब दो दर्जन से अधिक लोग भी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मारपीट के दौरान अचानक जगत सिंह गिर गया और गिरते ही वह बेहोश सा हो गया।

खराब थी धारी की 108 एंबुलेंस
ग्रामीणों के मुताबिक जगत सिंह जमीन पर गिरने के बाद ही सुध खोने पर तुंरत धारी की 108 एंबुलेंस को फोन किया गया। 108 कर्मचारियों से एंबुलेंस खराब होने की जानकारी दी गई। इसके बाद ग्रामीण अपने निजी वाहनों से जगत को पदमपुरी अस्पताल लेकर गए। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही जगत दम तोड़ चुका था।

तीन दिन पहले भी हुआ था दोनों में विवाद
तीन दिन पहले भी फौजी जगत सिंह और गोपाल सिंह रावत के बीच विवाद हुआ था। पटवारी प्रेम प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि तीन दिन पहले फौजी जगत अपनी पत्‍‌नी दीपा के साथ गर्जिया मंदिर घूमने के लिए निकला। सड़क पर कार में बैठते समय गोपाल ने दीपा पर छींटाकशी कर दी। इस पर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।

उस समय भी गोपाल ने जगत को धमकी दी थी। पटवारी के मुताबिक ग्रामीणों से उस विवाद की जानकारी मिली है। हत्यारोपित के गिरफ्तार होने पर घटना की सही वजह का पता चलेगा।

चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था जगत
फौजी जगत चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई दीपक हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल के मेडिकल कालेज स्टोर में नौकरी करता था। दूसरे नंबर की बहन ललिता विवाहित है। जगत का छोटा भाई पुष्कर घर में ही पिता खीम सिंह के साथ खेती-बाड़ी का काम करता था। जगत की मौत की खबर से उसकी पत्‍‌नी दीपा और मां मुन्नी देवी बेसुध हो गई थीं।

27 मई को डयूटी पर लौटना था जगत को
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक जगत अपनी शादी के लिए 15 अप्रैल को छुट्टी लेकर घर आया था। शादी के बाद जगत अपनी पत्‍‌नी को सबसे पहले पूर्णागिरी मां के दर्शन के लिए ले गया था। तीन दिन पहले ही नवदंपती गर्जिया मंदिर घूमकर आया। 27 मई को जगत को ड्यूटी पर वापस लौटना था। इससे पहले ही वह काल का ग्रास बन गया।

सांस की नली में खून जाने से हुई मौत
फौजी जगत सिंह अंडाशय में प्रहार किए गए थे, जिससे उसके अंडाशय में खून के थक्के जम गए थे। इसके अलावा नाक और गाल में भी वार किए गए थे। नाक और गाल का खून सांस की नली में चला गया। खून जमने से उसकी सांस की नली बंद हो गई थीं। इससे जगत पहले बेहोश हुआ और अधिक समय तक सांस बंद रहने से उसकी मृत्यु हो गई।

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